बीरोंखाल के राजकीय इंटर कॉलेज भगवती तलिया में भावुक विदाई, जरूरत पड़ने पर कई विषय पढ़ाने के लिए विद्यार्थियों में रहे लोकप्रिय
पौड़ी गढ़वाल। शिक्षक और विद्यार्थी के बीच का रिश्ता केवल कक्षा तक सीमित नहीं होता। कई बार एक शिक्षक का व्यवहार, सहयोग और बच्चों के साथ जुड़ाव उसे विद्यार्थियों के दिल में ऐसी जगह दे देता है, जिसे वर्षों बाद भी भुलाना आसान नहीं होता। पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक स्थित राजकीय इंटर कॉलेज भगवती तलिया में सामने आया एक विदाई वीडियो इसी रिश्ते की भावुक तस्वीर पेश कर रहा है।
विद्यालय में PTI के पद पर कार्यरत अमित वल्दिया के स्थानांतरण पर विद्यार्थी भावुक हो गए। विदाई के दौरान कई बच्चों की आंखों से आंसू छलक पड़े। वीडियो में नजर आ रही विद्यार्थियों की भावनाएं इस बात का संकेत देती हैं कि अमित सिंह वल्दिया ने विद्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान बच्चों के साथ गहरा जुड़ाव बनाया।

पिथौरागढ़ से पौड़ी तक का सफर
अमित सिंह वल्दिया मूल रूप से पिथौरागढ़ के रहने वाले हैं। शिक्षक के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग पौड़ी जनपद में हुई। उन्हें राजकीय इंटर कॉलेज भगवती तालिया में PTI के पद पर नियुक्त किया गया था।
PTI के तौर पर उनकी मुख्य जिम्मेदारी शारीरिक शिक्षा और खेल गतिविधियों से जुड़ी थी, लेकिन विद्यालय की जरूरतों को देखते हुए उन्होंने अपनी भूमिका को केवल इसी दायरे तक सीमित नहीं रखा।
जब शिक्षक की कमी बनी तो संभाली अतिरिक्त जिम्मेदारी
विद्यालय में स्थायी प्रवक्ताओं की कमी के बीच विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अमित सिंह वल्दिया ने कई विषयों में सहयोग किया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने इंटरमीडिएट स्तर पर इतिहास और भौतिक विज्ञान पढ़ाया। इसके अलावा कक्षा 6 से 10 तक सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई में भी विद्यार्थियों की मदद की।
बताया जाता है कि कई मौकों पर उन्होंने एक दिन में आठ अलग-अलग विषयों तक पढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली। यह स्थिति एक ओर उनके समर्पण को दर्शाती है, तो दूसरी ओर पहाड़ी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की चुनौती को भी सामने लाती है।
बच्चों की पढ़ाई के साथ व्यक्तिगत मार्गदर्शन
अमित वल्दिया की भूमिका केवल कक्षा लेने तक सीमित नहीं रही। विद्यार्थियों की समस्याओं को समझना, उन्हें पढ़ाई में मदद करना और व्यक्तिगत स्तर पर मार्गदर्शन देना भी उनके कार्य का हिस्सा रहा।
विद्यार्थियों के साथ इसी निरंतर संवाद ने उनके और बच्चों के बीच विश्वास का रिश्ता बनाया। यही कारण माना जा रहा है कि स्थानांतरण के समय विद्यार्थी उन्हें भावुक होकर विदाई देते नजर आए।
शत-प्रतिशत परिणाम
उपलब्ध जानकारी और विद्यार्थियों के अनुसार अमित सिंह वल्दिया द्वारा पढ़ाए गए विषयों में शत-प्रतिशत परिणाम रहा।

एक शिक्षक की मेहनत, लेकिन व्यवस्था के लिए बड़ा सवाल
अमित सिंह वल्दिया का उदाहरण निश्चित तौर पर प्रेरणादायक है, लेकिन उनके द्वारा कई विषयों की जिम्मेदारी संभालने की स्थिति शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक अहम सवाल भी उठाती है।
यदि किसी विद्यालय में विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं और एक PTI को भी अन्य विषय पढ़ाने पड़ते हैं, तो यह शिक्षकों की कमी की ओर संकेत करता है।
ऐसे में एक शिक्षक का समर्पण तत्काल जरूरत को पूरा कर सकता है, लेकिन विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए लंबे समय में पर्याप्त और विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति जरूरी है।
आशीष देवरानी संभाल रहे हैं प्रधानाचार्य का प्रभार
विद्यालय में श्री आशीष देवरानी प्रधानाचार्य का प्रभार संभाल रहे हैं। सीमित संसाधनों और प्रवक्ताओं की कमी के बीच विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को संचालित करना चुनौतीपूर्ण है।
ऐसे माहौल में अतिरिक्त जिम्मेदारी उठाने वाले शिक्षकों का योगदान विद्यार्थियों की पढ़ाई को जारी रखने में महत्वपूर्ण हो जाता है।

विदाई ने बता दिया शिक्षक ने कितनी जगह बनाई
अमित सिंह वल्दिया की विदाई का सबसे खास पहलू विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया रही। किसी शिक्षक के स्थानांतरण पर बच्चों का इस तरह भावुक होना अपने आप में उस रिश्ते की गहराई को बताता है।
बच्चों के लिए वह केवल PTI नहीं रहे। उनके साथ बिताया समय, पढ़ाई में मिली मदद और व्यक्तिगत मार्गदर्शन उन्हें विद्यार्थियों की यादों का हिस्सा बना गया।

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