75 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन, करीब 45 मिनट तक CPR की कोशिश के बावजूद नहीं बच सके अभिनेता, देश में बढ़ते हार्ट अटैक चिंता का विषय
देवभूमि के लोग | विशेष रिपोर्ट
हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने करीब 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
नाना पाटेकर के निधन ने एक बार फिर देश में हार्ट अटैक और अचानक होने वाले कार्डियक अरेस्ट के खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि यह समझना जरूरी है कि कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक अलग-अलग स्थितियां हैं। हार्ट अटैक में हृदय की मांसपेशियों तक रक्त पहुंचाने वाली नस में रुकावट होती है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में हृदय अचानक प्रभावी ढंग से धड़कना बंद कर देता है। हार्ट अटैक कभी-कभी कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है। हार्ट अटैक आज देश में मौतों का सबसे बड़ा कारण बनकर उभरा है। हालांकि इसके पीछे कई कारण हैं किंतु लोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता है।
युवा भी रहें सावधान
आज हृदय संबंधी बीमारियों को केवल बुजुर्गों की समस्या मानना खतरनाक हो सकता है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, धूम्रपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, अस्वास्थ्यकर खान-पान और लंबे समय तक रहने वाला तनाव हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के दस्तावेजों के अनुसार भारत में हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी बीमारियां मृत्यु का एक बड़ा कारण हैं।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, बाएं हाथ/कंधे, जबड़े या पीठ में दर्द, अचानक पसीना आना, मितली, चक्कर या बेहोशी जैसे लक्षण हार्ट अटैक के चेतावनी संकेत हो सकते हैं। WHO के अनुसार कई बार हृदय की बीमारी के कोई स्पष्ट लक्षण पहले से दिखाई नहीं देते और हार्ट अटैक ही पहला संकेत बन सकता है।
ऐसे लक्षणों को गैस, थकान या सामान्य कमजोरी समझकर घर पर इंतजार करना जानलेवा हो सकता है। तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
कार्डियक अरेस्ट में हर सेकंड महत्वपूर्ण
अगर कोई व्यक्ति अचानक गिर जाए, प्रतिक्रिया न दे और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो या केवल हांफ रहा हो, तो यह कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाना और प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा CPR शुरू करना बेहद महत्वपूर्ण है। शुरुआती मिनटों में दी गई सहायता जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
लोगों को क्या करना चाहिए?
- नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं।
- धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाएं।
- रोजाना पर्याप्त शारीरिक गतिविधि करें।
- नमक, अत्यधिक तेल, ट्रांस-फैट और अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन कम करें।
- वजन और तनाव को नियंत्रित रखें।
- परिवार में कम उम्र में हृदय रोग का इतिहास हो तो डॉक्टर से जोखिम मूल्यांकन कराएं।
- सीने में असामान्य दर्द या सांस लेने में परेशानी को नजरअंदाज न करें।
- परिवार के सदस्यों को CPR और बेसिक लाइफ सपोर्ट की जानकारी देने पर भी जोर दें।
जनहित में जरूरी संदेश
नाना पाटेकर जैसे लोकप्रिय और सक्रिय कलाकार का अचानक जाना एक भावुक कर देने वाली घटना है, लेकिन इससे मिलने वाला सबसे बड़ा संदेश स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का होना चाहिए। हृदय रोग के जोखिम को समय रहते पहचानना, नियमित स्वास्थ्य जांच कराना और आपात स्थिति में सही कदम उठाना कई जिंदगियां बचा सकता है।
दिल की बीमारी उम्र देखकर नहीं आती—इसलिए जागरूक रहें, लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।