सरकार की वेबसाइट पर आपके गांव के खर्च का पूरा लेखा जोखा मौजूद, जनप्रतिनिधि बनेंगे जवाबदेह
नई दिल्ली। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शिता और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से “मेरी पंचायत” (Meri Panchayat) नाम से एक डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया है। इसकी आधिकारिक वेबसाइट है:
meripanchayat.gov.in
पोर्टल का उद्देश्य
“मेरी पंचायत” का मकसद देशभर की ग्राम पंचायतों से जुड़ी अलग-अलग सरकारी वेबसाइटों और सेवाओं को एक ही मंच पर लाना है। अभी तक नागरिकों को पंचायत से जुड़ी जानकारी के लिए कई अलग-अलग पोर्टल देखने पड़ते थे, जैसे:
- eGramSwaraj.gov.in
- gpdp.nic.in
- auditonline.gov.in
- lgdirectory.gov.in
- trainingonline.gov.in
- meetingonline.gov.in
- panchayataward.gov.in
इन सभी की जानकारी अब एक ही ऐप और पोर्टल पर उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि गांव का हर नागरिक अपने स्मार्टफोन से पंचायत के कामकाज पर नजर रख सके।
पोर्टल पर मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं
- पंचायत की जानकारी – पंचायत प्रोफाइल, निर्वाचित प्रतिनिधियों (सरपंच, वार्ड सदस्य आदि) के नाम, समितियों (स्टैंडिंग कमेटी, जनरल कमेटी, जीपी कमेटी) और कर्मचारियों का विवरण।
- संपत्ति रजिस्टर – पंचायत की चल-अचल संपत्तियों का रिकॉर्ड।
- विकास कार्य और प्रस्ताव – पंचायत में पारित प्रस्ताव और विकास योजनाओं की जानकारी।
- आय-व्यय का ब्यौरा – पंचायत को मिलने वाले फंड और उसके खर्च का हिसाब।
- सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) – विकास योजना, कार्य की प्रगति, व्यय और समीक्षा तक सीधी पहुंच।
- शिकायत और सुझाव – नागरिक सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं और पंचायत को सुझाव भी दे सकते हैं।
- मौसम की जानकारी – स्थानीय मौसम पूर्वानुमान भी ऐप में उपलब्ध है।
पोर्टल/ऐप का इस्तेमाल कैसे करें
चरण 1: ऐप डाउनलोड करें
Google Play Store पर जाकर “Meri Panchayat” सर्च करें और आधिकारिक ऐप (पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रकाशित) डाउनलोड करें। वेबसाइट संस्करण के लिए सीधे meripanchayat.gov.in पर जाया जा सकता है।
चरण 2: लॉगिन/रजिस्ट्रेशन
ऐप खोलने पर मोबाइल नंबर या अन्य मांगी गई जानकारी से खाता बनाएं। कुछ सुविधाओं के लिए OTP या बायोमेट्रिक सत्यापन की जरूरत पड़ सकती है।
चरण 3: अपनी पंचायत चुनें
राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करके अपनी पंचायत की प्रोफाइल तक पहुंचें।
चरण 4: जानकारी देखें
डैशबोर्ड से पंचायत के प्रतिनिधि, बजट, विकास कार्य, संपत्ति रजिस्टर और सामाजिक अंकेक्षण की रिपोर्ट देखी जा सकती है।
चरण 5: शिकायत/सुझाव दर्ज करें
“शिकायत दर्ज करें” या “सुझाव” सेक्शन में जाकर अपनी बात सीधे पंचायत प्रशासन तक पहुंचाई जा सकती है।
महत्व
विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल “डिजिटल इंडिया” अभियान का हिस्सा है और इसका लक्ष्य ग्रामीण नागरिकों को शासन प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना है। इससे पंचायतों के कामकाज में जवाबदेही बढ़ने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
नोट: ऐप के कुछ उपयोगकर्ताओं ने लॉगिन और डैशबोर्ड लोड होने में तकनीकी दिक्कतों की शिकायत भी की है; ऐसी स्थिति में ऐप को अपडेट करने या कुछ समय बाद दोबारा प्रयास करने की सलाह दी जाती है।