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उत्तराखंड सरकार ने कर्मचारियों-पेंशनरों को दी बड़ी राहत: महंगाई भत्ते में 2% बढ़ोतरी, 60% DA लागू, राज्य की वित्तीय स्थिति

*देहरादून:** उत्तराखंड सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कैबिनेट ने महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में **2 प्रतिशत** की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। अब राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को **58%** के स्थान पर **60%** महंगाई भत्ता मिलेगा। यह बढ़ोतरी **1 जनवरी 2026** से प्रभावी होगी। वित्त विभाग जल्द ही विस्तृत शासनादेश जारी करेगा, जिसमें एरियर भुगतान की समयसीमा भी शामिल होगी।

### लाखों लाभार्थी और प्रभाव इस फैसले से उत्तराखंड के **1.5 लाख से अधिक** सक्रिय सरकारी कर्मचारियों तथा **1 लाख** से ज्यादा पेंशनरों को सीधा लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर लगभग **2.5 लाख** परिवारों की मासिक आय में वृद्धि होगी।

### उत्तराखंड की विस्तृत राजकोषीय विश्लेषण (2026-27 बजट)**आय (Revenue Receipts):** – कुल राजस्व प्राप्तियां: **₹67,526 करोड़** **व्यय (Total Expenditure):** – कुल व्यय: **₹1,11,703 करोड़** – राजस्व व्यय: **₹64,989 करोड़** – पूंजीगत व्यय: **₹46,713 करोड़**

#### Committed Expenditure का विस्तृत विश्लेषण**- कुल Committed Expenditure**: **₹41,172 करोड़**, जो कुल राजस्व प्राप्तियों (**₹67,526 करोड़**) का **61%** है।**Committed Expenditure** में शामिल प्रमुख मदें निम्न हैं:- **वेतन (Salaries)**: **₹22,105 करोड़** — राजस्व प्राप्तियों का **33%**- **पेंशन (Pension)**: **₹11,137 करोड़** — राजस्व प्राप्तियों का **16%**- **ब्याज भुगतान (Interest Payment)**: **₹7,929 करोड़** — राजस्व प्राप्तियों का **12%****

Committed Expenditure** का इतना उच्च अनुपात (61%) राज्य की वित्तीय स्थिति के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसका मतलब है कि राज्य की कुल आय का **61 प्रतिशत** हिस्सा केवल पुराने दायित्वों (वेतन, पेंशन और ब्याज) में खर्च हो जा रहा है। इससे विकास कार्यों, नई योजनाओं, बुनियादी ढांचे और पूंजीगत व्यय के लिए उपलब्ध संसाधन काफी सीमित हो जाते हैं।

**DA में 2% बढ़ोतरी का अतिरिक्त बोझ** DA में 2% बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर **अतिरिक्त ₹300 से 350 करोड़** का **वार्षिक** वित्तीय बोझ पड़ेगा। यह बोझ इसलिए बढ़ेगा क्योंकि:- DA की गणना कर्मचारियों के बेसिक वेतन + महंगाई राहत पर होती है।- पेंशनरों को भी DA/DR (Dearness Relief) का लाभ मिलता है।- एरियर के रूप में पिछले महीनों/वर्षों का बकाया भी देना पड़ेगा, जिससे एक बार में बड़ा व्यय हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि भविष्य में DA में और बढ़ोतरी हुई या 8वें वेतन आयोग लागू हुआ तो यह बोझ और बढ़ सकता है। वर्तमान में committed expenditure का 61% का स्तर कई अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है, जिसके कारण सरकार को राजस्व बढ़ाने (पर्यटन, उद्योग, खनन) और अनावश्यक व्यय पर नियंत्रण रखने की जरूरत है।

### राजकोषीय संकेतक

**राजस्व अधिशेष**: ₹2,536 करोड़ – **राजकोषीय घाटा**: ₹15,989 करोड़ (GSDP का 3.7%) – **GSDP**: ₹4,27,716 करोड़ (12% वृद्धि अनुमानित)

### 16वें वित्त आयोग और 8वें वेतन आयोग का संदर्भ

16वें वित्त आयोग ने राज्यों से GSDP का 3% राजकोषीय घाटा सीमा में रखने की सिफारिश की है। DA बढ़ोतरी के बावजूद उत्तराखंड सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास कर रही है।कर्मचारी संगठन **8वें वेतन आयोग** की मांग कर रहे हैं, जिस पर DA की यह बढ़ोतरी अंतरिम राहत के रूप में दी गई है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है और वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए उनके हितों की रक्षा कर रही है।

*आगे की स्थिति – DA में बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए राहत भरा कदम है, लेकिन राज्य की वित्तीय स्थिति को देखते हुए सरकार को राजस्व वृद्धि और व्यय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, वित्त विभाग के शासनादेश जारी होते ही कर्मचारियों के खातों में बढ़ा हुआ DA और एरियर जमा होना शुरू हो जाएगा।

By The Common Man

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