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नेपाल में भारतीय टैक्सियों की एंट्री पर रोक से चालक भड़के, धरना शुरू

देवभूमि टैक्सी संचालन समिति ने नेपाली वाहनों को भारत में प्रवेश से रोकने की चेतावनी जारी की है। समिति ने शारदा बैराज चौकी के पास प्रदर्शन किया और बताया कि नेपाल ने भारतीय टैक्सियों के अपनी सीमा में प्रवेश पर रोक लगा दी, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और कार्रवाई न होने पर नेपाली वाहनों को रोकने की चेतावनी दी।

टैक्सी यूनियन का शारदा बैराज पर प्रदर्शन, नेपाल ने भारतीय टैक्सियों पर लगाई रोक, नेपाली वाहनों को भारत में प्रवेश से रोकने की चेतावनी.

देवभूमि टैक्सी संचालन समिति ने अपनी मांगों को लेकर शनिवार को भारत-नेपाल सीमा पर शारदा बैराज चौकी के निकट सांकेतिक धरना आयोजित किया। उनका दावा है कि नेपाल प्रशासन ने 6 अगस्त से भारतीय टैक्सियों को अपनी सीमा में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया है। नतीजतन, भारतीय टैक्सियां सीमा पर सात नंबर पिलर से आगे नहीं जा पा रही हैं।

टैक्सी संचालकों के अनुसार, नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले यात्री भारतीय टैक्सियों के जरिए महेंद्रनगर तक यात्रा करते हैं, जहां से नेपाली वाहनों की सुविधा उपलब्ध हो जाती है। लेकिन नेपाल प्रशासन द्वारा भारतीय टैक्सियों पर लगाई गई रोक के कारण, नेपाल जाने वाले यात्री अब बनबसा आने से हिचकिचा रहे हैं और अन्य सीमाओं का रुख कर रहे हैं।

यूनियन के अध्यक्ष रफी अंसारी ने बताया कि नेपाल प्रशासन का तर्क है कि केवल प्राइवेट नंबर की गाड़ियों को ही नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने मांग की कि यदि प्राइवेट वाहनों से कारोबार हो रहा है, तो भारतीय प्रशासन को इन पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। यूनियन ने इस मुद्दे पर एसडीएम आकाश जोशी से भी चर्चा की, जिन्होंने सोमवार तक आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

उपाध्यक्ष संजय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि नेपाल प्रशासन भारतीय टैक्सियों पर लगी रोक नहीं हटाता, तो यूनियन नेपाली वाहनों को भारत में प्रवेश से रोक देगी। इस अवसर पर अध्यक्ष रफी अंसारी, महासचिव सोहन रौतेला, सचिव आर्यन अग्रवाल, रविंद्र ज्याला, मनोज जोशी, पुष्कर भट्ट, ऋषिपाल, प्रकाश ज्याला, शकील, राशिद, सुजल देवल सहित कई अन्य सदस्य मौजूद रहे।

By B P Singh

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