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हरिद्वार में KYC अपडेट के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड: 1.78 लाख रुपये लिंक क्लिक करते ही गायब

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**हरिद्वार (12 मई 2026):** सिडकुल क्षेत्र के शिवालिक नगर निवासी सुब्रत साहु एक साधारण KYC अपडेट फोन कॉल के शिकार बन गए। ठगों ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी बताकर फोन किया और क्रेडिट कार्ड की KYC अपडेट करने का लिंक भेजा। लिंक क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और मात्र कुछ घंटों में क्रेडिट कार्ड से **1.78 लाख रुपये** की राशि निकाल ली गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंपी है।

### घटना का विस्तृत विवरण– 3 फरवरी को सुब्रत साहु को फोन आया। कॉलर ने बैंक अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका क्रेडिट कार्ड KYC अपडेट नहीं है, जिससे खाता ब्लॉक हो सकता है। तुरंत एक लिंक भेजा गया। लिंक खोलते ही फोन में मालवेयर घुस गया, जिसने बैंकिंग डिटेल्स चुरा लीं। दो घंटे बाद जब पीड़ित को पता चला, तब तक रकम ट्रांसफर हो चुकी थी। थाना प्रभारी अजय शाह ने पुष्टि की कि साइबर सेल की टीम मामले की जांच कर रही है।यह केस KYC अपडेट स्कैम का क्लासिक उदाहरण है, जिसमें ठग फेक अर्जेंसी क्रिएट करते हैं और लिंक के जरिए डिवाइस हैक कर लेते हैं।

### उत्तराखंड और देश में अन्य प्रमुख साइबर फ्रॉड केस—उत्तराखंड में साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 2021-2025 के बीच राज्य में लगभग **99,000 शिकायतें** दर्ज हुईं और **475 करोड़ रुपये** से अधिक की राशि ठगों ने लूट ली। 2025 में अकेले 32,000+ मामले और 180 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।- **बागेश्वर में उछाल**: जनवरी-फरवरी 2026 में मात्र 49 दिनों में 60 साइबर फ्रॉड केस दर्ज हुए। ठगों ने 12.55 लाख रुपये लूटे, पुलिस ने 2 लाख से अधिक फ्रीज किए लेकिन रिकवरी बेहद कम रही।-

**दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड गैंग पकड़ा**: मई 2026 में दिल्ली पुलिस ने उदम सिंह नगर से 5 लोगों (4 नाबालिग समेत) को गिरफ्तार किया। ये लोग इन्वेस्टमेंट और टास्क-बेस्ड स्कैम में म्यूल अकाउंट्स उपलब्ध कराते थे। पूरे देश में लोगों को लूटने वाले नेटवर्क का हिस्सा थे।-

**डिजिटल अरेस्ट स्कैम**: उत्तराखंड STF ने जम्मू-कश्मीर से दो ठगों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने देहरादून के 71 वर्षीय व्यक्ति को 65 लाख रुपये ठगे। फेक दिल्ली पुलिस/CBI अधिकारी बनकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर धमकी दी और फर्जी दस्तावेज दिखाए।

**अन्य आम स्कैम**: UPI फ्रॉड, QR कोड स्कैम, फेक लॉटरी/जॉब ऑफर, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, और APK फाइल वाले व्हाट्सएप इन्विटेशन स्कैम (जैसे हालिया बेंगलुरु केस में 5 लाख का नुकसान)।

### सावधानियां और बचाव के उपाय (जरूर अपनाएं)**RBI और पुलिस की सलाह** के अनुसार इन बातों का पालन करें:

1. **लिंक कभी न क्लिक करें**: KYC अपडेट, बैंक अकाउंट ब्लॉक या OTP शेयर करने वाले किसी भी SMS/WhatsApp/ईमेल लिंक पर क्लिक न करें। बैंक कभी भी ऐसे लिंक नहीं भेजते।

2. **अधिकारी बनकर फोन करने वालों पर भरोसा न करें**: बैंक या पुलिस कभी भी OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या बैंक डिटेल्स नहीं मांगते।

3. **केवल ऑफिशियल चैनल इस्तेमाल करें**: KYC अपडेट के लिए बैंक की आधिकारिक ऐप, वेबसाइट, ब्रांच या वीडियो KYC (जिसे आप खुद शुरू करें) का उपयोग करें।

4. **अर्जेंसी पर संदेह करें**: “तुरंत अपडेट न किया तो अकाउंट ब्लॉक” जैसी बातों से सतर्क रहें।

5. **फोन हैक होने पर तुरंत एक्शन**: – बैंक हेल्पलाइन पर कॉल कर कार्ड/अकाउंट ब्लॉक करें। – 1930 (नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन) या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। – डिवाइस रीस्टार्ट/फैक्टरी रीसेट करें और एंटीवायरस लगाएं।

6. **अतिरिक्त टिप्स**: – दो-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) हमेशा ऑन रखें। – अनजान APK फाइल या ऐप डाउनलोड न करें। – बैंक स्टेटमेंट नियमित चेक करें। – डिजिटल अरेस्ट या फेक पुलिस कॉल पर घबराएं नहीं — ये पूरी तरह फ्रॉड है।

*क्या करें*: साइबर ठग लगातार नई तकनीकें अपना रहे हैं। जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। अगर आप भी ऐसे किसी फ्रॉड का शिकार हुए हैं तो तुरंत 1930 पर कॉल करें — जल्दी रिपोर्ट करने से पैसे रिकवर होने की संभावना बढ़ जाती है।

**स्रोत**: पुलिस रिपोर्ट्स, NCRP डेटा और RBI गाइडलाइंस। नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करें। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें!

By The Common Man

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