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उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला: अगले तीन दिनों भारी बारिश-गरज की संभावना, तापमान में गिरावट, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी

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देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों मौसम ने करवट ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 4 मई से 6 मई 2026 तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक के साथ बौछारें और पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे दिन का तापमान अपेक्षाकृत ठंडा रहेगा। यह मौसम परिवर्तन कृषि, पर्यटन, चार धाम यात्रा और आम जनजीवन पर असर डाल सकता है।

विस्तृत पूर्वानुमान और मौसम का विश्लेषण

4 मई 2026 (सोमवार):
राज्य भर में मौसम मुख्य रूप से सक्रिय रहेगा। पर्वतीय जिलों — उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल — में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है। मैदानी इलाकों में देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर (हल्द्वानी-रुद्रपुर) में अनेक स्थानों पर बारिश व गरज की गतिविधियां देखी जाएंगी।

तापमान: मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम 28-32°C और न्यूनतम 17-20°C रहने की संभावना है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम 15-25°C और न्यूनतम 8-15°C तक गिर सकता है।

5 मई 2026 (मंगलवार):
मौसम की सक्रियता उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे उच्च पर्वतीय जिलों में बनी रहेगी। यहां अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज और ऊंचाई पर बर्फबारी संभव है। शेष जिलों — देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा, चंपावत, हरिद्वार और उधम सिंह नगर — में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज की बौछारें पड़ सकती हैं।

तापमान: मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम 27-31°C और न्यूनतम 16-19°C, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम 14-24°C और न्यूनतम 7-14°C रहने की संभावना है।

6 मई 2026 (बुधवार):
बारिश की तीव्रता थोड़ी कम हो सकती है। पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश व गरज संभव है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी रह सकती है। मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश या गरज के साथ आंशिक बादल छाए रहेंगे।

तापमान: मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम 29-33°C और न्यूनतम 17-20°C, पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम 16-26°C और न्यूनतम 8-15°C।

जिला-वार मौसम स्थिति

देहरादून: गरज के साथ बारिश की अच्छी संभावना 4 और 5 मई को। 6 मई को हल्की गतिविधि। अधिकतम तापमान 28-31°C रह सकता है।
हरिद्वार: मैदानी प्रभाव के कारण हल्की से मध्यम बारिश व गरज। अधिकतम 30-33°C।
उधम सिंह नगर (हल्द्वानी): 4-5 मई को गरज के साथ सक्रिय बारिश। अधिकतम 29-32°C।
नैनीताल: पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण तीनों दिन बारिश व गरज की संभावना। अधिकतम 20-25°C।
पिथौरागढ़: भारी बारिश और बर्फबारी की अच्छी संभावना, खासकर 4-5 मई को।
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर: चार धाम क्षेत्रों में बारिश-गरज सक्रिय। यात्रियों को सतर्क रहना चाहिए।
अल्मोड़ा, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल: हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी।

प्रभाव और सावधानियां

यह मौसम परिवर्तन राज्य के पर्यटन क्षेत्र पर सीधा असर डालेगा। चार धाम यात्रा शुरू होने के साथ ही केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता यात्रियों के लिए चुनौती बन सकती है। IMD ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से सड़कें प्रभावित होने की चेतावनी दी है।

कृषि पर प्रभाव: बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, खासकर रबी फसल की कटाई के बाद खरीफ की तैयारी में। लेकिन तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा भी है।

सामान्य सलाह:

  • गरज-चमक के दौरान खुले में न निकलें, बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों से दूर रहें।
  • ड्राइवरों को पहाड़ी सड़कों पर सावधानी बरतनी चाहिए।
  • निचले इलाकों के निवासियों को जलभराव से सतर्क रहना चाहिए।
  • चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु IMD की वेबसाइट या ऐप पर नियमित अपडेट चेक करें।

मौसम विज्ञान की दृष्टि से कारण

इस मौसम प्रणाली के पीछे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का प्रभाव माना जा रहा है, जो उत्तर भारत में बारिश और ठंडक लाता है। मई के महीने में ऐसे विक्षोभ कम होते हैं, लेकिन इस बार सक्रियता देखी जा रही है। परिणामस्वरूप तापमान में गिरावट और नमी बढ़ने से बारिश हो रही है।

ऐतिहासिक संदर्भ और तैयारियां

पिछले वर्षों में मई के महीने में अचानक मौसम बदलाव से कई बार सड़कें बंद हुई हैं और पर्यटकों को परेशानी हुई है। प्रशासन को चाहिए कि जिला आपदा प्रबंधन इकाइयां अलर्ट पर रहें, खासकर संवेदनशील पर्वतीय जिलों में।


उत्तराखंड में मौसम की यह सक्रियता आम जनजीवन, कृषि और पर्यटन को प्रभावित करेगी। IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों में तापमान स्थिर होने के साथ बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं। नागरिकों से अपील है कि वे सतर्क रहें और आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें।

नोट: मौसम पूर्वानुमान में बदलाव संभव है। नवीनतम जानकारी के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय मौसम केंद्र से संपर्क करें।

By The Common Man

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