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उत्तराखंड सिविल एविएशन को मिली नई संजीवनी: डॉ आशीष चौहान की UCADA में नियुक्ति के बाद लगातार हवाई दुर्घटनाओं का सिलसिला थमा, एक साल में शून्य दुर्घटना – डूबता विभाग वापस लौटा पटरी पर

देहरादून, 5 जून 2026विशेष संवाददाता

देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा, पर्यटन और हेलीकॉप्टर सेवाओं के महत्वपूर्ण माध्यम सिविल एविएशन क्षेत्र लंबे समय से हवाई दुर्घटनाओं की चुनौतियों से जूझ रहा था। जून 2025 में केदारनाथ क्षेत्र में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना, जिसमें कई लोगों की जान चली गई, ने पूरे विभाग को हिलाकर रख दिया था। एक के बाद एक लगातार 04 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जो आजतक के इतिहास में कभी नहीं हुआ था। लगातार दुर्घटनाओं, मौसम संबंधी जोखिमों और संचालन कमियों ने उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) को गंभीर संकट में डाल दिया था।

लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के दूरदर्शी प्रशासनिक फेरबदल ने इस क्षेत्र को नई दिशा प्रदान की। जून 2025 में 2012 बैच के IAS अधिकारी डॉ आशीष चौहान को UCADA का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया। उनकी नेतृत्व क्षमता, सक्रिय शासन और सुरक्षा-प्रथम दृष्टिकोण ने मात्र एक वर्ष में विभाग को पटरी पर ला दिया। अब पिछले एक साल में UCADA के अंतर्गत कोई बड़ी हवाई दुर्घटना दर्ज नहीं हुई। हेलीकॉप्टर सेवाएं अब सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्वसनीय हो गई हैं, जिससे चारधाम यात्रा में हजारों श्रद्धालु लाभान्वित हो रहे हैं। यह सफलता धामी सरकार की दूरदर्शिता और आशीष चौहान के कुशल नेतृत्व का परिणाम है।

आशीष चौहान को सरकार का ‘संकट मोचक’ कहा जाता है। गौरबतल है कि जब पौड़ी जिले में विभिन्न समस्याएं चरम पर पहुंच गई थीं, तब उन्हें तुरंत वहां DM के रूप में भेजा गया और उन्होंने जिले को संकट से उबार लिया। इसके बाद सिविल एविएशन विभाग में लगातार हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं का सिलसिला चल रहा था। डॉ आशीष चौहान की नियुक्ति के बाद पिछले एक वर्ष में उन्होंने इन दुर्घटनाओं को शून्य पर ला दिया, जो स्वयं में एक सराहनीय उपलब्धि है और विभाग पटरी पर लौट रहा है, और रिकॉर्ड मात्रा में राज्य सरकार के खाते में रेवेन्यू भी जमा कर रहा है।

अब देहरादून जिले, जो उत्तराखंड राज्य की राजधानी है, में उतार-चढ़ाव, भूमि घोटाले, स्मार्ट सिटी की चुनौतियां, आपराधिक गतिविधियां और अन्य लंबित मुद्दे बढ़ गए थे। इन्हें सुधारने के लिए उन्हें देहरादून का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी कार्यशैली उत्कृष्ट है तथा समस्याओं की गहरी समझ उन्हें लंबे समय तक चलने वाले समाधान देने में सक्षम बनाती है।

वे एसी कमरों में बैठकर नहीं, बल्कि फील्ड में जाकर काम करते हैं, जिससे वास्तविक मुद्दों को समझकर ठोस और प्रभावी समाधान लागू होते हैं। उन्हें देश का ‘बेस्ट IAS अवॉर्ड’ भी मिल चुका है। देहरादून के लोग उनके नेतृत्व में महत्वपूर्ण प्रगति और सभी लंबित मुद्दों के समाधान की उम्मीद कर रहे हैं तथा सरकार भी चाहती है कि उनके प्रशासन काल में सब कुछ सुव्यवस्थित हो जाए।

आशीष चौहान की नियुक्ति: सही समय पर सही व्यक्ति

जून 2025 में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत डॉ आशीष चौहान (उत्तराखंड कैडर) को UCADA का CEO बनाया गया। इससे पहले वे पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, पौड़ी आदि जिलों में DM के रूप में अपनी सेवा दे चुके थे, जहां उन्होंने आपदा प्रबंधन, पर्यटन विकास, जन-सेवा में उत्कृष्ट कार्य किया जहां लोग अभी भी उनके कार्य और जनता से जुड़ाव के लिए याद करते हैं।

उनकी नियुक्ति के समय UCADA गंभीर संकट में था। 2025 में चारधाम यात्रा के दौरान कई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें गौरीकुंड के पास हुई घटना सबसे दुखद थी। DGCA और केंद्रीय सिविल एविएशन मंत्रालय ने सख्ती बरती। आशीष चौहान ने पद संभालते ही सुरक्षा प्रोटोकॉल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने फ्लाइट ऑपरेशंस में 30 प्रतिशत कमी की, मौसम विशेषज्ञों की तैनाती की, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया, कमांड एंड कंट्रोल रूम स्थापित किया, पायलट ट्रेनिंग को मजबूत किया, हेलीपैडों का सुदृढ़ीकरण किया और SOPs का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया। खराब मौसम में उड़ानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया तथा हर ऑपरेटर की नियमित ऑडिट की गई।

पिछले एक साल में शून्य दुर्घटना: प्रभाव

आशीष चौहान की नियुक्ति के बाद का एक वर्ष (जून 2025 से जून 2026) UCADA के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। 2025 में कई दुर्घटनाएं हुई थीं, लेकिन 2026 में चारधाम यात्रा के दौरान 21,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने हेलीकॉप्टर सेवाएं लीं और कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई। जहां एक ओर लगातार दुर्घटनाओ से सरकार सकते में थी, और पब्लिक भयभीत हो चुकी थी, आशीष चौहान की नियुक्ति ने खोया विश्वास वापस पैदा किया और आज विभाग रिकॉर्ड मात्रा में सरकार के खाते में रेवेन्यू भी भर रहा है।

सभी उड़ानें सुरक्षित, समयबद्ध और व्यवस्थित रहीं। इस उपलब्धि पर UCADA को Wings India 2026 में “Best State for Promotion of Aviation Ecosystem” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

हिमालयी क्षेत्र में मौसम की अनिश्चितता, ऊंचाई और घने जंगलों के बीच उड़ानें हमेशा चुनौतीपूर्ण रहती हैं। डॉ आशीष चौहान ने स्पष्ट कहा, “यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम हर फ्लाइट को मॉनिटर करते हैं और केवल तभी उड़ान की अनुमति देते हैं जब सभी सुरक्षा पैरामीटर पूर्ण रूप से संतुष्ट हों।”

विभाग की पटरी पर वापसी: उपलब्धियां और सुधार

आशीष चौहान के नेतृत्व में UCADA ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। DGCA दिशानिर्देशों का सख्त अनुपालन सुनिश्चित किया गया, हेलीपैडों को सुदृढ़ किया गया, नए हेलीपैड विकसित किए गए, पर्यटन स्थलों तक हवाई सेवाओं का विस्तार हुआ, निजी क्षेत्र से निवेश आकर्षित किया गया और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया। इन प्रयासों से यात्रियों का विश्वास लौटा है। सरकार का राज्य का लगभग हर दूरस्थ क्षेत्र हेली सेवा से कनेक्ट करने का प्रयास है, जो आपदा और पर्यटन दोनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

धामी सरकार की सराहना

पुष्कर सिंह धामी सरकार ने सही समय पर सही अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी। यह नियुक्ति “स्थानीय मुद्दों को समझने वाले अधिकारियों” की नीति का बेहतरीन उदाहरण है। मुख्यमंत्री धामी ने सुरक्षा और विकास दोनों पर जोर दिया, जिसका परिणाम आज स्पष्ट दिख रहा है। आशीष चौहान की फील्ड-केंद्रित कार्यशैली और संकट प्रबंधन कौशल ने विभाग को नई ऊर्जा प्रदान की।

चुनौतियां और आगे की राह

हालांकि सफलता मिली है, फिर भी चुनौतियां बाकी हैं – मौसम परिवर्तन, पायलटों की कमी और बुनियादी ढांचे का विस्तार। UCADA CEO आशीष चौहान इन क्षेत्रों पर भी निरंतर काम कर रहे हैं। भविष्य में और अधिक एयरपोर्ट-हेलीपैड विकास तथा इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ (eVTOL) जैसी नई तकनीकों को अपनाने की तैयारी चल रही है।

आगे क्या?

आशीष चौहान की UCADA में नियुक्ति ने विभाग को नई संजीवनी दी है। लगातार दुर्घटनाओं से जूझता क्षेत्र अब सुरक्षित उड़ानों का प्रतीक बन गया है। एक वर्ष में शून्य दुर्घटना और अंतरराष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार इस सफलता को और रेखांकित करते हैं। देवभूमि में हवाई सेवाएं अब सुरक्षित, विश्वसनीय और विकासोन्मुख हो गई हैं। विभाग कई नए प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहा है और जल्द नए कार्य धरातल पर दिखने लगेंगे।

धामी सरकार और कर्त्तव्य निष्ठ अधिकारी डॉ आशीष चौहान को बधाई। यह मिसाल है कि सही नेतृत्व चुनौतियों को अवसर में पूरी मेहनत करने से कैसे बदल देता है।

(यह रिपोर्ट घटनाक्रम, सुधारों, उपलब्धियों पर आधारित है। आंकड़े UCADA, DGCA और सरकारी स्रोतों से लिए गए हैं।)

By The Common Man

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