उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य में चल रही और प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक का मुख्य फोकस तीर्थयात्रा और पर्यटन मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करना रहा, जिसके तहत कई नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने या उन्हें आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया गया।
बैठक में भिमताल–अल्मोड़ा को जोड़ने वाली वैकल्पिक सड़क के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) द्वारा डीपीआर तैयार करने का निर्णय लिया गया। यह मार्ग कुमाऊं कॉरिडोर के कैची धाम क्षेत्र में लगने वाले बार-बार के जाम से राहत दिलाने में सहायक होगा। साथ ही, सिल्क्यारा बेंड–बरकोट सुरंग परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया। नवंबर 2023 में हुए हादसे से प्रभावित इस परियोजना में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
एनएच-07 पर प्रस्तावित ऋषिकेश बाइपास परियोजना पर भी विशेष चर्चा हुई। 12.7 किमी लंबा यह फोर-लेन बाइपास तीनपानी से योगनगरी होते हुए खरासरोत तक बनेगा, जिसकी अनुमानित लागत 1,161.3 करोड़ रुपये है। परियोजना में हाथी कॉरिडोर के ऊपर एलिवेटेड सेक्शन, चंद्रभागा नदी पर पुल और रेलवे पोर्टल पर आरओबी शामिल हैं, ताकि वन्यजीवों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री धामी ने अल्मोड़ा–दान्या–पनार–घाट, ज्योलिकोट–खैरना–गैरसैंण–करणप्रयाग और अल्मोड़ा–बागेश्वर–कांडा–उदियारी बेंड सड़कों समेत अन्य राजमार्ग परियोजनाओं की मंजूरी का अनुरोध किया। श्यामपुर रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित आरओबी से नेपाली फार्म और ऋषिकेश नटराज चौक के बीच निर्बाध यातायात सुनिश्चित होगा।
बैठक में चारधाम सड़क परियोजना और मानसरोवर लिंक की प्रगति की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने निर्माण एजेंसियों को परियोजनाओं में तेजी लाने और राज्य सरकार को निर्माण सामग्री से जुड़ी अनुमतियां सरल बनाने की सलाह दी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से उत्तराखंड में तीर्थयात्रा, पर्यटन, उद्योग, सीमा सुरक्षा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
