पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में उपनल कार्मिकों को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया। सैनिक कल्याण विभाग में कार्यरत उन उपनल कार्मिकों को, जिन्होंने 2015 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, समान कार्य–समान वेतन का लाभ दिया जाएगा। इस फैसले से 7,000 से अधिक कार्मिक लाभान्वित होंगे।
कैबिनेट बैठक में इसके अलावा कुल 19 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर विभिन्न विभागों और आम जनता पर पड़ेगा।
📌 कैबिनेट के प्रमुख निर्णय (Highlights)
- उपनल कार्मिक: सैनिक कल्याण विभाग में प्रथम चरण में 2015 तक 10 साल की सेवा करने वालों को समान कार्य–समान वेतन।
- गन्ना एवं चीनी उद्योग: चीनी मिलें बैंकों से ऋण ले सकेंगी, सरकार देगी गारंटी।
- गन्ना मूल्य: सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹395 से बढ़ाकर ₹405 प्रति क्विंटल।
- निर्वाचन विभाग: वरिष्ठ निजी सचिव, निजी सचिव और सचिव पदों के लिए नई सेवा नियमावली।
- संस्कृत शिक्षा विभाग: उत्तराखंड संस्कृत संस्थाओं से संबंधित निर्णय।
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: अल्मोड़ा और चंपावत के लिए 6–6 पद स्वीकृत।
- ऊर्जा विभाग: 2024–25 की वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट विधानसभा पटल पर रखने की सहमति।
- बागवानी मिशन: NT हैलेट पर 25% राज्य सहायता।
- दून विश्वविद्यालय: हिंदू अध्ययन केंद्र के लिए 6 नए पद सृजित।
- न्याय विभाग: प्रथम चरण में 16 विशेष न्यायालय, 144 पद सृजित; देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में स्थापना।
- विधानसभा: उत्तराखंड की पंचम विधानसभा सत्र सहित कराने को मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।
- खेल महाकुंभ:
- विधायक स्तर: ट्रॉफी + ₹1 लाख
- संसदीय स्तर: ₹2 लाख
- राज्य स्तर: ₹5 लाख
- गृह विभाग: नियमावली में संशोधन।
- समान नागरिक संहिता (UCC): संशोधन को लेकर अध्यादेश; न्यूनतम अपर सचिव स्तर के अधिकारी अधिकृत, सब-रजिस्ट्रार को अपील का अधिकार।
- पर्यटन/होम-स्टे योजना: स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता; GST पंजीकरण अनिवार्य।
✍️ निष्कर्ष
धामी कैबिनेट के इस निर्णय से जहां उपनल कार्मिकों को बड़ी राहत मिली है, वहीं कृषि, न्याय, पर्यटन, खेल और प्रशासन से जुड़े फैसले राज्य के विकास को नई दिशा देंगे।
