किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामला: नैनीताल हाईकोर्ट
जमीन विवाद से जुड़ा है मामला, एसआईटी कर रही है गहन जांच
नैनीताल हाईकोर्ट / हाईकोर्ट – काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में नामजद तीन अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
साथ ही कोर्ट ने आरोपितों को जांच में पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए हैं और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
नैनीताल हाईकोर्ट / हाईकोर्ट 15 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
अवकाशकालीन न्यायाधीश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की पीठ ने यह आदेश पूर्व में कुलविंदर सिंह व अन्य के मामले में पारित आदेश के आधार पर दिया।
कोर्ट ने विपक्षियों को अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 15 अप्रैल तय की है।
सरकार बोली— जमीन विवाद से जुड़ा है मामला (नैनीताल हाईकोर्ट / हाईकोर्ट)
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा है
और सरकार इसे बेहद गंभीरता से ले रही है। मामले की जांच जारी है।
वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि मुख्य आरोपित समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी पर पहले ही कोर्ट रोक लगा चुका है,
ऐसे में समानता के आधार पर राहत दी जानी चाहिए।
डीजीपी कर रहे निगरानी, एसआईटी को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी स्वयं इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
जांच को एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) को सौंप दिया गया है,
हालांकि याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि जांच में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई।
फेसबुक पोस्ट में लगाए थे गंभीर आरोप
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले हल्द्वानी के काठगोदाम स्थित एक होटल में काशीपुर निवासी
किसान सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
आत्महत्या से पहले उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए पुलिस और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे।
किसान ने आरोप लगाया था कि जमीन के सौदे में उनके साथ धोखाधड़ी हुई,
उनसे करीब चार करोड़ रुपये ठग लिए गए।
बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उन्हें डराया-धमकाया गया।
