PM Modi Israel Tour खास
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच PM Modi Israel Tour को भारत की रणनीतिक कूटनीति का बड़ा कदम माना जा रहा है। फ्रांस के साथ पांच साल के रक्षा रोडमैप को अंतिम रूप देने के बाद अब भारत, इजरायल के साथ संवेदनशील रक्षा प्रौद्योगिकी पर अहम समझौते की तैयारी में है। यह डील प्रधानमंत्री की प्रस्तावित इजरायल यात्रा के दौरान हो सकती है।
PM Modi Israel Tour रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास पर जोर
सूत्रों के अनुसार, इस समझौते का फोकस केवल रक्षा उपकरणों की खरीद तक सीमित नहीं रहेगा.
बल्कि संयुक्त विकास (Joint Development) और तकनीकी आदान-प्रदान पर होगा।
इससे भारत-इज़रायल रक्षा सहयोग नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है।
नई दिल्ली में इज़राइल के राजदूत Reuven Azar ने संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी और इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की मुलाकात के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं संभव हैं।
2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा
वर्ष 2017 के बाद पहली आधिकारिक यात्रा होगी इससे पहले 2017 में प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक इजरायल दौरा किया था.
जबकि नेतान्याहू 2018 में भारत आए थे।
दोनों देशों के बीच पिछले दशक में रक्षा, कृषि, साइबर सुरक्षा और हाई-टेक सेक्टर में मजबूत साझेदारी विकसित हुई है।
PM Modi Israel Tour निजी क्षेत्र की भी बढ़ेगी भागीदारी
प्रस्तावित समझौते में सरकारी स्तर के साथ-साथ निजी कंपनियों के बीच सहयोग के लिए नए तंत्र विकसित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य संवेदनशील तकनीकों में विश्वास और गोपनीयता बनाए रखते हुए दीर्घकालिक साझेदारी सुनिश्चित करना है।
फ्रांस और अमेरिका के साथ भी मजबूत हो रहा रक्षा सहयोग
हाल ही में भारत ने फ्रांस के साथ रक्षा सहयोग के पांच वर्षीय एजेंडे को अंतिम रूप दिया है।
वहीं, अमेरिका ने भी भारत को उन्नत मिसाइल और आर्टिलरी सिस्टम बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इन सभी कूटनीतिक और रक्षा पहलों के बीच PM Modi भारत की रक्षा नीति में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। पूरी दुनिया की नजर इस दौरे और संभावित रक्षा समझौतों पर टिकी रहेगी।
