उत्तराखंड की वीर भूमि पिथौरागढ़ के सेरी कुमडार गांव के मूल निवासी शशांक मल्ल ने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से पासिंग आउट कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया है। यह उपलब्धि शशांक को परिवार की चार पीढ़ियों से चली आ रही गौरवशाली सैन्य सेवा परंपरा का चौथा अध्याय बनाती है।

मल्ल परिवार की सैन्य विरासत
मल्ल परिवार देश सेवा, साहस, समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए जाना जाता है। परिवार के सदस्य न केवल सेना में सेवा देते हैं, बल्कि विभिन्न सामाजिक सेवा कार्यों में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहते हैं। परिवार में कई अन्य सदस्य भी वर्तमान में भारतीय सेना में सेवारत और सेवानिवृत्त हैं।
- *परदादा: श्याम सिंह मल्ल को अदम्य साहस के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है, जो श्याम सिंह मल्ल को उनके अदम्य साहस और देश सेवा के लिए नवाजा गया था ।
- दादाजी*: राजेंद्र सिंह मल्ल, जो 5 कुमाऊं रेजीमेंट में सूबेदार के पद पर थे।
- पिता: गजेंद्र सिंह मल्ल, भारतीय सेना से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं और वर्तमान में देहरादून के पासपोर्ट कार्यालय में तैनात हैं।
- माता: मंजू चंद, अस्कोट, पिथौरागढ़ की निवासी हैं।
मल्ल परिवार मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के शेरी कुमडार गांव का है और वर्तमान में देहरादून के नींबू वाला, गढ़ी कैंट क्षेत्र में रहता है। शशांक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और परिवारजनों के सही मार्गदर्शन को दिया।
IMA से पासिंग आउट के अवसर पर मल्ल परिवार के श्री घन बहादुर मल्ल, हर्षबहादुर, दीपक, सुनीत, संदीप मल्ल सहित अन्य परिजनों ने शशांक को बधाई दी और उम्मीद जताई कि शशांक पूर्ण समर्पण, ईमानदारी और उत्कृष्टता के साथ देश की सेवा करेंगे। शशांक की इस सफलता पर पिथौरागढ़ और अस्कोट निवासी समस्त संबंधियों ने भी खुशी जाहिर की है।
शशांक मल्ल जैसे युवा उत्तराखंड की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनकी मेहनत और परिवार की विरासत देश की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो निश्चित रूप से सभी को प्रेरित करती है।
उत्तराखंड की समस्त जनता और देवभूमि न्यूज ग्रुप की ओर से भी मल्ल परिवार को देशहित में सैन्य सेवा देने हेतु हमेशा अग्रसर रहने के लिए हार्दिक शुभकामनाएं
जय हिंद! जय भारत!
