**देहरादून/नई दिल्ली, 27 फरवरी 2026** – मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में कल तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे सफेद धातु में जारी अस्थिरता और बढ़ गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, चांदी ₹4,014 प्रति किलो तक गिरी, पिछला बंद भाव ₹2,78,364 से घटकर ₹2,72,560 के निचले स्तर तक पहुंची, जबकि शुरुआती सत्र में ₹2,74,350 के आसपास कारोबार हुआ। आज (27 फरवरी) सुबह चांदी में आंशिक रिकवरी देखी गई है, MCX पर फ्यूचर्स 2.5–3.2% उछलकर ₹2,65,860 से ₹2,74,794 प्रति किलो के बीच ट्रेड कर रही है। अंतरराष्ट्रीय स्पॉट चांदी भी $89.50–$90.80 प्रति औंस पर मामूली तेजी के साथ कारोबार कर रही है।दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में स्पॉट भाव ₹2,85,000–₹2,90,000 प्रति किलो के करीब रहा, लेकिन MCX की गिरावट से घरेलू बाजार प्रभावित हुआ।### इस गिरावट का कारण क्या?हाल के महीनों में जनवरी के पैराबोलिक रैली के बाद प्रॉफिट बुकिंग, मजबूत अमेरिकी डॉलर, अमेरिका-ईरान न्यूक्लियर टॉक्स और टैरिफ पॉलिसी की अनिश्चितता मुख्य ट्रिगर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जनवरी अंत में $120+ प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई से 30–35% तक की गिरावट ($70–$71 तक) आई थी, जिसका असर MCX पर भी पड़ा। चांदी सोने की तुलना में अधिक अस्थिर रहती है क्योंकि यह सुरक्षित निवेश के साथ-साथ औद्योगिक धातु (सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स – 50%+ मांग) भी है।### 2026 के ट्रेंड: उछाल से सुधार और रिकवरी तकचांदी ने 2026 में असाधारण रिटर्न दिए लेकिन भारी उतार-चढ़ाव के साथ:- **ऑल-टाइम हाई**: जनवरी में $121+ प्रति औंस (2025 की शुरुआत से कई गुना अधिक)।- **क्रैश**: जनवरी-अंत से फरवरी की शुरुआत में 30%+ की गिरावट।- **वर्तमान स्तर**: वैश्विक $89–$91 प्रति औंस (MCX पर ₹2.65–2.75 लाख/किलो, ₹91/USD के आसपास)।- साल-दर-साल: अभी भी 2025 के औसत से काफी ऊपर, संरचनात्मक कमी के कारण।गोल्ड-सिल्वर रेशियो 60 से नीचे आया, जो रैली में चांदी की बेहतर परफॉर्मेंस दिखाता है। लेकिन पीक के बाद कंसोलिडेशन फेज में तेज स्विंग्स देखे गए, जो स्पेकुलेटिव फ्लो, एल्गोरिदम ट्रेडिंग और भू-राजनीतिक खबरों से प्रभावित हैं।### विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?विशेषज्ञ निकट अवधि में सतर्क लेकिन लंबी अवधि में आशावादी हैं:- **जे.पी. मॉर्गन ग्लोबल रिसर्च** (10 फरवरी 2026 आउटलुक): 2026 में चांदी का औसत **$81/औंस** (2025 के औसत से दोगुना से अधिक), Q4 तक $85/औंस तक संभावना। टाइट सप्लाई, ग्रीन एनर्जी से मजबूत इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेश प्रवाह मुख्य ड्राइवर, हालांकि टैरिफ/फेड पॉलिसी से अस्थिरता बनी रहेगी।- **सिल्वर इंस्टीट्यूट** (वार्षिक आउटलुक, 10 फरवरी 2026): 2026 में **छठा लगातार साल** बाजार घाटे का। वैश्विक सप्लाई मामूली बढ़कर 1.05 बिलियन औंस, लेकिन निवेश और इंडस्ट्रियल डिमांड से अधिक रहेगी। 2025 की ऐतिहासिक रैली (1979 के बाद सबसे मजबूत) के बाद निवेशक रुचि बनी हुई है। वर्तमान स्तरों पर सपोर्ट मजबूत दिख रहा है।- **अन्य विश्लेषक** (मेटल्स फोकस, एम्प्लिफाई ETFs, सिटी): $70–$90 रेंज में बेस बिल्डिंग, H2 2026 में फिर तेजी अगर सोलर/EV डिमांड बढ़ी और सप्लाई कंस्ट्रेंट्स बढ़े। चांदी अक्सर सोने के बाद तेजी पकड़ती है। निकट जोखिम: प्रॉफिट बुकिंग और डॉलर मजबूती, लेकिन संरचनात्मक घाटा बुलिश थीसिस बरकरार।भारतीय संदर्भ में, गुडरिटर्न्स और मनीकंट्रोल जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विशेषज्ञ MCX भाव COMEX/स्पॉट से ट्रैक करते हैं, रुपए और त्योहार/ज्वेलरी डिमांड अतिरिक्त फैक्टर। सपोर्ट ₹2,58,000–2,63,000/किलो, रेजिस्टेंस ₹2,74,000–2,80,000।### निवेशकों के लिए takeaway2026 में चांदी की कहानी **बूम-बस्ट साइकिल** की है, जो इसकी हाइब्रिड प्रकृति (सुरक्षित + इंडस्ट्रियल) से आती है। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स में व्हिपसॉ (26 फरवरी की गिरावट और आज रिकवरी) का जोखिम, लेकिन लॉन्ग-टर्म निवेशक सप्लाई-डिमांड असंतुलन और ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन से फायदेमंद स्थिति में।COMEX स्पॉट, USD/INR और $92–$95/औंस (या ₹2.80 लाख+/किलो) रेजिस्टेंस पर नजर रखें। फिजिकल चांदी या MCX फ्यूचर्स में औसतन खरीदने के लिए वर्तमान स्तर आकर्षक हो सकते हैं, लेकिन वॉलेटिलिटी में पोजीशन साइजिंग और स्टॉप-लॉस जरूरी।यह सुधार दशकों की सबसे मजबूत बुल मार्केट में हेल्दी पॉज साबित हो सकता है। भू-राजनीतिक और पॉलिसी अपडेट्स के साथ आगे अपडेट्स के लिए बने रहें।