Kathgodam-Nainital Highway परियोजना पर पर्यावरणीय सवाल
Kathgodam-Nainital Highway चौड़ीकरण परियोजना में लगभग 17,400 पेड़ों के कटान की आशंका सामने आने के बाद केंद्रीय वन मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) प्राधिकरण को दोबारा विस्तृत सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है और वैकल्पिक डिज़ाइन पर गंभीरता से विचार किया जाए।
🔹 Kathgodam-Nainital Highway पर्यटन और ट्रैफिक दबाव बना वजह
Kathgodam-Nainital Highway मार्ग पर सालभर पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है, खासकर पर्यटन सीजन में जाम की स्थिति गंभीर हो जाती है। इसी समस्या के समाधान के लिए सड़क चौड़ीकरण की योजना बनाई गई थी। लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान की संभावना जताई गई, जिससे पर्यावरणविदों और स्थानीय संगठनों ने चिंता व्यक्त की।
🔹 मंत्रालय के सख्त निर्देश
केंद्रीय वन मंत्रालय ने एनएच अधिकारियों से कहा है कि परियोजना का पुनः सर्वे कर, ऐसा विकल्प तलाशा जाए.
जिससे न्यूनतम पेड़ों की कटाई हो। साथ ही पहाड़ी भूभाग की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए भू-स्खलन, जलस्रोतों.
वन्यजीव आवास पर संभावित प्रभाव का विस्तृत आकलन भी करने को कहा गया है।
🔹 स्थानीय लोगों की प्रतिक्रि.या
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण जरूरी है, लेकिन हरियाली की कीमत पर नहीं।
कई सामाजिक संगठनों ने एलिवेटेड रोड, रिटेनिंग वॉल और वैकल्पिक रूट जैसे विकल्प सुझाए हैं,
ताकि पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे और विकास कार्य भी जारी रह सके।
🔹 आगे की रणनीति
एनएच अधिकारियों के अनुसार, मंत्रालय के निर्देशों के बाद जल्द ही दोबारा सर्वे कराया जाएगा और संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
यदि आवश्यक हुआ तो परियोजना के डिजाइन में बदलाव कर पेड़ों की कटाई कम की जाएगी।
कुल मिलाकर, काठगोदाम–नैनीताल हाईवे परियोजना अब विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन साधने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पुनः सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
चौड़ीकरण प्रोजेक्ट को लेकर कोई अड़ंगा नहीं है। केंद्रीय मंत्रालय की ओर से पेड़ों की संख्या को लेकर पुन: सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में जल्द प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
आशुतोष, ईई एनएच
