उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हल्द्वानी में क्रिकेट मैच
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हल्द्वानी में क्रिकेट मैच की आड़ में हुई कथित धोखाधड़ी के मामले में आरोपित विकास ढाका की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता को रिमांड शीट की प्रतिलिपि दाखिल करने का निर्देश देते हु,
मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को तय की है।
फिलहाल कोर्ट से विकास ढाका को कोई राहत नहीं मिली है।
हल्द्वानी क्रिकेट मैच हाई कोर्ट की खंडपीठ में हुई सुनवाई
सोमवार को उत्तराखंड हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सौरभ पाण्डे ने दलील दी कि जिन धाराओं में गिरफ्तारी की गई है,
उनमें अधिकतम सजा सात वर्ष से कम है और इस मामले में अवैध कस्टडी की स्थिति बनी।
गिरफ्तारी प्रक्रिया पर उठे सवाल
अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आरोपित विकास ढाका को पुलिस ने पूर्वाह्न 11:30 बजे थाने में बैठाया.
जबकि एफआईआर रात करीब नौ बजे दर्ज की गई। वहीं रिमांड शीट में गिरफ्तारी का समय अगले दिन सुबह चार बजे दर्शाया गया है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि पुलिस किसी दबाव में कार्य कर रही है।
हल्द्वानी क्रिकेट मैच एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला हल्द्वानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, गौलापार में प्रस्तावित एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग (EVCL) से जुड़ा है।
इस लीग का पहला मैच उत्तराखंड सोल्जर्स और दिल्ली नाइट्स के बीच खेला जाना था।
प्रतियोगिता में मसूरी किंग्स, यूपी वारियर्स, हल्द्वानी टाइगर्स, दिल्ली नाइट्स, उत्तराखंड सोल्जर्स और वाराणसी वाइपर्स की टीमें शामिल थीं।
मैच रद्द होने के बाद बढ़ा विवाद
मैच शुरू न होने पर आयोजक विकास ढाका ने दावा किया था
कि उनके बड़े पार्टनर प्रमोद सिंह की दिल्ली से हल्द्वानी आते समय हृदयगति रुकने से मृत्यु हो गई, जिसके कारण शोक स्वरूप मैच स्थगित किया गया।
हालांकि इसके बाद कई निवेशकों और टीम मालिकों ने धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पूर्व विधायक और कारोबारी ने लगाए आरोप
इस मामले में पूर्व विधायक नारायण पाल और हरियाणा के कारोबारी हेमंत शर्मा ने विकास ढाका पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
पूर्व विधायक का कहना है कि उन्होंने उत्तराखंड सोल्जर्स टीम खरीदी थी और 50 लाख रुपये की फ्रेंचाइजी फीस को 10 लाख रुपये के डिस्काउंट के साथ तय किया गया था।
फिलहाल जमानत नहीं, अगली सुनवाई 12 फरवरी
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद विकास ढाका को सुसंगत धाराओं में गिरफ्तार किया था।
हाई कोर्ट ने फिलहाल जमानत देने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को आवश्यक दस्तावेज दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी।
