उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने जिहाद पर अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं। इस बयान की भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आलोचना की थी। दसौनी ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में जिहाद का असली मतलब समझाया है। जिहाद का मतलब क्रांति, बदलाव और संघर्ष है। उन्होंने कहा, ‘जिहाद लोगों से सकारात्मक बदलाव की अपील है। खाने में थूकने वाला जिहादी नहीं अपराधी है। जमीन पर अतिक्रमण करने वाला जिहादी नहीं अपराधी है। मदरसे वह जगह हैं जहां आधुनिक और धार्मिक दोनों तरह की शिक्षा दी जाती है। मौलाना अबुल कलाम आजाद और भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी जैसे लोगों ने मदरसे से पढ़ाई की है।’ कांग्रेस नेता ने कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम पर जिहाद का मतलब नहीं बदलेगा।
यहां यह उल्लेख करना उचित है कि सीएम धामी लगातार अपनी सरकार के ‘थूक, जमीन और लव जिहाद’ के खिलाफ कार्रवाई करने के संकल्प का उल्लेख कर रहे हैं।