उर्मिला सनावर का एक नया ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। यह ऑडियो उर्मिला के देहरादून पहुंचने के बाद सामने आया है, जिसमें पूर्व विधायक सुरेश राठौर कथित तौर पर उन पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लेने का दबाव बनाते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि दैनिक जागरण द्वारा नहीं की गई है।
प्रसारित बातचीत में सुरेश राठौर यह दावा करते हैं कि यदि उर्मिला सनावर दुष्यंत गौतम का नाम ले लेतीं, तो उनका पार्टी से निष्कासन रोका जा सकता था। ऑडियो में दोनों के बीच बेहद तीखी और भावनात्मक बातचीत सुनाई देती है, जिसमें निजी संबंधों से लेकर कथित राजनीतिक साजिशों तक के आरोप-प्रत्यारोप सामने आते हैं।
ऑडियो में राठौर खुद को लंबे समय तक न्यायिक और संवैधानिक पदों पर कार्य करने वाला बताते हुए यह कहते हैं कि उन्होंने जज की कुर्सी पर बैठकर कई फैसले दिए हैं, जो आज भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। इसके जवाब में उर्मिला सनावर पलटवार करते हुए कहती हैं कि दूसरों की जिंदगी के फैसले कराने वाले राठौर अपनी निजी जिंदगी के फैसले सही ढंग से नहीं कर पाए।
बातचीत के दौरान राठौर यह आरोप भी लगाते हैं कि उर्मिला ने उनके साथ धोखेबाजी की और दुष्यंत गौतम सहित कुछ अन्य लोगों के कहने पर उनका नाम लेने से इनकार किया। वहीं उर्मिला का कहना है कि राठौर ने उन्हें कभी पत्नी के रूप में स्वीकार नहीं किया और वह दुष्यंत गौतम को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाना चाहते थे।
ऑडियो में यह दावा भी किया गया है कि दुष्यंत गौतम का नाम न लेने के कारण ही राठौर का पार्टी से निष्कासन हुआ और यह जानकारी उर्मिला को पहले से थी। इस पर उर्मिला जवाब देती हैं कि बिना चार्जशीट के किसी पर डकैती और हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाना सीधे जेल भेजने जैसी कानूनी कार्रवाई को न्योता दे सकता था।
पूरी बातचीत में बार-बार दबाव, निष्कासन, नाम लेने और कथित राजनीतिक साजिशों का जिक्र सामने आता है, जिससे यह मामला निजी विवाद से आगे बढ़कर एक राजनीतिक विवाद का रूप लेता नजर आ रहा है।
