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अंकिता भंडारी मामले में नैनीताल रैली: VIP को बेनकाब करने की मांग उठी

उत्तराखंड की पौड़ी गढ़वाल जिले की 19 वर्षीय बेटी अंकिता भंडारी की संदिग्ध हत्या को आज ठीक तीन साल पूरे हो गए। इस दर्दनाक घटना ने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया था, जहां रिसॉर्ट रिसेप्शनिस्ट अंकिता को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने से इनकार करने पर हत्या कर दी गई थी। आज नैनीताल शहर में कांग्रेस पार्टी और विभिन्न वामपंथी जनसंगठनों ने संयुक्त रूप से एक विशाल रैली का आयोजन किया, जिसमें सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने अंकिता को पूर्ण न्याय दिलाने की मांग की। रैली में मुख्य आरोपियों को फांसी की सजा सुनिश्चित करने, हत्याकांड से जुड़े VIP (उच्च पदस्थ व्यक्ति) के नाम उजागर करने और राज्य सरकार पर साजिश रचने का आरोप लगाया गया।

रैली का आयोजन और मार्ग

गुरुवार को विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता मल्लीताल स्थित श्रीराम सेवक सभा भवन में एकत्र हुए। यहां से शुरू हुई रैली में प्रदर्शनकारियों ने “अंकिता को न्याय दो, VIP को गिरफ्तार करो”, “फांसी दो हत्यारों को” और “सरकार ने दबाया मामला, VIP को बचाया साला” जैसे जोरदार नारे लगाए। हाथों में तख्तियां, बैनर और अंकिता की तस्वीरें थामे लोग शहर के प्रमुख मार्गों—मॉल रोड से होते हुए तल्लीताल—तक पहुंचे। रैली का समापन तल्लीताल में एक सार्वजनिक सभा में हुआ, जहां वक्ताओं ने सरकार की लापरवाही पर तीखा प्रहार किया। एआई-जनित विश्लेषण के अनुसार, रैली में करीब 500 से अधिक लोग शामिल हुए, जो सोशल मीडिया पर #JusticeForAnkita ट्रेंड कर रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि तीन साल बीत जाने के बावजूद सरकार ने हत्याकांड की लीपापोती की और VIP को बचाने के लिए जांच को कमजोर किया। एक वामपंथी कार्यकर्ता ने कहा, “अंकिता की हत्या सिर्फ इनकार पर नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में चल रहे देह व्यापार के नेटवर्क पर हुई। VIP का नाम न खोलना न्याय का अपमान है।” रैली में महिलाओं की सुरक्षा, सख्त कानूनों और CBI जैसी स्वतंत्र जांच की मांग भी प्रमुखता से उठी।

राजनीतिक बयानबाजी: अधूरा न्याय और सरकार पर हमला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “मई 2025 में कोटद्वार कोर्ट ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा दी, लेकिन यह आधी अधूरी न्याय है। असली हत्यारे—जो VIP के रूप में रिसॉर्ट में आते थे—अभी भी सत्ता के गलियारों में घूम रहे हैं। राज्य सरकार BJP के रसूखदारों को बचाने में लगी है।” माहरा ने वादा किया कि कांग्रेस सत्ता में आने पर न केवल VIP का पर्दाफाश करेगी, बल्कि जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।

पूर्व सांसद महेंद्र पाल ने कहा, “अंकिता का केस महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, लेकिन सरकार ने इसे दबाने की हर कोशिश की। सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर फांसी की सजा दिलाई जाएगी।” वामपंथी नेता प्रो. शेखर पाठक ने जोड़ा, “यह संघर्ष जारी रहेगा, जब तक हर बेटी सुरक्षित न हो जाए।” BJP ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि SIT जांच पूरी हो चुकी है और कोई VIP कनेक्शन सिद्ध नहीं हुआ।

प्रमुख प्रतिभागी और सामाजिक प्रभाव

रैली में पूर्व सांसद महेंद्र पाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल, धीरज बिष्ट, कमलेश तिवारी, कैलाश अधिकारी, प्रभात ध्यानी, महानगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल, प्रो. शेखर पाठक, उमा भट्ट, दिनेश उपाध्याय, कैलाश जोशी, कैलाश पांडे, भारती जोशी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, महिला संगठन और युवा कार्यकर्ता शामिल रहे। एआई-आधारित सोशल मीडिया ट्रैकिंग से पता चलता है कि रैली की तस्वीरें और वीडियो X (पूर्व ट्विटर) पर वायरल हो रहे हैं, जहां #AnkitaBhandari3Years और #ExposeVIP ट्रेंड कर रहा है। एक पोस्ट में नैनीताल के स्थानीय पत्रकार खेमराज वर्मा ने रैली की तस्वीरें शेयर कर लिखा, “अंकिता की पुकार आज भी गूंज रही है।”

अंकिता हत्याकांड का संक्षिप्त इतिहास

  • 18 सितंबर 2022: यमकेश्वर के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता लापता। अगले दिन शव चीला नहर में बरामद।
  • जांच: SIT गठन, मुख्य आरोपी पुलकित आर्य (पूर्व मंत्री विनोद आर्य के पुत्र) गिरफ्तार। आरोप: VIP को ‘स्पेशल सर्विस’ देने से इनकार पर हत्या।
  • 2023-2024: परिवार ने CBI जांच की मांग की, हाईकोर्ट में सुनवाई। मां सोनी देवी ने CM पुष्कर सिंह धामी पर VIP बचाने का आरोप लगाया।
  • मई 2025: कोटद्वार कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद + 50-50 हजार जुर्माना। लेकिन VIP का नाम अब भी गुप्त।

By The Common Man

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