Sun. Mar 29th, 2026

एलर्जी सीजन की शुरुआत: पेड़ों का पराग (Tree Pollen) और घास का पराग मध्यम स्तर पर, धूल-धूल और AQI का खतरा – लक्षण बढ़ रहे, डॉक्टरों की सलाह

देहरादून, 29 मार्च 2026 – उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में वसंत ऋतु के साथ एलर्जी सीजन पूरी तरह शुरू हो चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) और मौसम वेबसाइट्स (Weather.com, AccuWeather) के अनुसार, देहरादून में ट्री पोलन (Tree Pollen) और ग्रास पोलन (Grass Pollen) दोनों मध्यम स्तर (Moderate) पर हैं। धूल और डैंडर (Dust & Dander) का स्तर Extreme तक पहुंच गया है, जबकि शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) Poor (137-150 के आसपास) बना हुआ है। मार्च-अप्रैल में पेड़ों से निकलने वाले पराग कण हवा में बढ़ जाते हैं, जिससे एलर्जिक राइनाइटिस (Hay Fever), आंखों में खुजली, छींकें, नाक बहना और सांस की तकलीफ जैसे लक्षण आम हो गए हैं।

स्थानीय डॉक्टरों के मुताबिक, पिछले सप्ताह से एलर्जी के मरीजों की संख्या में 20-30% की बढ़ोतरी देखी जा रही है। देहरादून जैसे हरे-भरे शहर में आम पेड़ (जैसे सागवान, आम, नीम आदि) और घास के पराग के साथ धूल-मिट्टी और प्रदूषण मिलकर समस्या को और बढ़ा रहे हैं। क्लाइमेट चेंज के कारण एलर्जी सीजन लंबा और तीव्र हो रहा है।

आम लक्षण क्या हैं?

  • बार-बार छींकना और नाक बहना या बंद होना
  • आंखों में लालिमा, खुजली और पानी आना
  • गले में खराश, खांसी और सांस फूलना
  • थकान, सिरदर्द और डार्क सर्कल्स
  • गंभीर मामलों में अस्थमा ट्रिगर होना

एलर्जी से बचाव के उपाय (Precautions)

एलर्जी से बचने का सबसे अच्छा तरीका पराग और धूल से संपर्क कम करना है। विशेषज्ञों की सलाह:

  1. घर और कार के खिड़कियां बंद रखें: खासकर सुबह और शाम के समय जब पराग की मात्रा ज्यादा होती है। एयर कंडीशनर का इस्तेमाल करें और HEPA फिल्टर लगवाएं।
  2. बाहर जाते समय मास्क पहनें: N95 या सर्जिकल मास्क पराग कणों को रोकने में मदद करता है।
  3. घर लौटते ही नहाएं: कपड़े बदलें और बालों को अच्छी तरह धोएं ताकि पराग घर में न फैले।
  4. बेडशीट और पर्दे नियमित धोएं: गर्म पानी से धोकर सुखाएं। वैक्यूम क्लीनर में HEPA फिल्टर यूज करें।
  5. धूल भरे दिनों से बचें: तेज हवा या सूखे मौसम में बाहर कम निकलें। बारिश के बाद मौसम थोड़ा राहत देता है।
  6. दवाएं समय पर शुरू करें: एंटीहिस्टामाइन (Cetirizine, Levocetirizine), नेजल स्प्रे (Fluticasone) या आई ड्रॉप्स डॉक्टर की सलाह से लें। लक्षण शुरू होते ही दवा शुरू करें, न कि इंतजार करें।
  7. नाक की सफाई: सलाइन वॉटर या नेटी पॉट से रोज नाक धोएं।
  8. घरेलू उपाय: कमरे में ह्यूमिडिफायर रखें, लेकिन साफ रखें ताकि फफूंद न पनपे।

चेतावनी: अगर सांस लेने में बहुत तकलीफ हो या लक्षण 7-10 दिन से ज्यादा बने रहें तो तुरंत एलर्जिस्ट या फिजिशियन से संपर्क करें। अस्थमा वाले मरीज अतिरिक्त सावधानी बरतें।

एलर्जी सीजन में डाइट प्लान (Diet Plan)

सही आहार एलर्जी के लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है। सूजन कम करने वाले खाद्य पदार्थों पर फोकस करें:

खाएं (Helpful Foods):

  • विटामिन C से भरपूर: संतरा, कीवी, स्ट्रॉबेरी, शिमला मिर्च, ब्रोकोली, टमाटर – ये हिस्टामाइन कम करते हैं।
  • अदरक और हल्दी: चाय या सब्जी में डालें। हल्दी में करक्यूमिन सूजन कम करता है।
  • पाइनएप्पल: इसमें ब्रोमेलैन एंजाइम सूजन घटाता है।
  • लोकल हनी: रोज 1 चम्मच कच्चा स्थानीय शहद (Raw Local Honey) – शरीर को स्थानीय पराग के प्रति सहनशील बनाता है (धीरे-धीरे शुरू करें)।
  • ओमेगा-3: अखरोट, अलसी के बीज, मछली (सल्मन यदि उपलब्ध)।
  • प्याज, लहसुन और हरी सब्जियां: क्वेरसेटिन से भरपूर, प्राकृतिक एंटीहिस्टामाइन।
  • दही या केफिर: प्रोबायोटिक्स इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।

उदाहरण डाइट प्लान (एक दिन का):

  • सुबह: गुनगुना पानी + 1 चम्मच शहद + नींबू। ब्रेकफास्ट में ओट्स या ब्रेड के साथ फल (कीवी/संतरा)।
  • मिड-मॉर्निंग: अदरक की चाय या हल्दी वाला दूध।
  • लंच: सब्जी (ब्रोकोली, पालक), दाल, रोटी + सलाद (टमाटर, प्याज)।
  • इवनिंग: फल या योगर्ट।
  • डिनर: हल्का – ग्रिल्ड वेजी या सूप + सल्मन/दाल।
  • रात: हल्दी दूध।

बचें (Foods to Avoid):

  • डेयरी प्रोडक्ट्स (दूध, पनीर) – बलगम बढ़ा सकते हैं।
  • प्रोसेस्ड फूड, मैदा, चीनी और फास्ट फूड – सूजन बढ़ाते हैं।
  • अगर पोलन एलर्जी है तो कुछ फलों (सेब, आम, तरबूज) से सावधानी (Oral Allergy Syndrome)।
  • ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना।

गतिविधियां (Activities) – क्या करें और क्या न करें

  • घर के अंदर: योग, प्राणायाम, हल्का व्यायाम (जैसे स्ट्रेचिंग)। घर में ही वॉकिंग अगर ट्रेडमिल हो।
  • बाहर: सुबह 10 बजे के बाद या शाम को बारिश के बाद निकलें। बागवानी या घास काटने से बचें।
  • बच्चों और बुजुर्गों के लिए: स्कूल या बाहर खेलने का समय कम करें।
  • पर्यटकों के लिए: देहरादून घूमने आएं तो मास्क साथ रखें और ज्यादा खुले में समय न बिताएं।

डॉक्टरों की सलाह: देहरादून के एलर्जी विशेषज्ञों का कहना है कि दवा के साथ लाइफस्टाइल बदलाव सबसे प्रभावी है। अगर लक्षण गंभीर हों तो एलर्जी टेस्ट (Pollen Allergy Panel) करवाएं।

देहरादून में मार्च-अप्रैल एलर्जी का पीक सीजन है। सावधानी, सही डाइट और समय पर दवा से ज्यादातर लोग आराम से गुजर सकते हैं। अगर लक्षण बढ़ें तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। स्वस्थ रहें, सावधानी बरतें!

By The Common Man

News and public affairs

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *