देवभूमि के लोग न्यूज़ | विशेष रिपोर्ट | 15 अक्टूबर 2026
देहरादून के आशारोड़ी रोड पर गुरुवार को एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। राशन से लदा एक ट्रक ब्रेक फेल होने के कारण नियंत्रण से बाहर हो गया और पेड़ से टकरा गया। इस हादसे में ट्रक के क्लीनर की मौत हो गई। घटना के बाद हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ।
आस-पास के स्थानीय निवासी इस क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसों से भयभीत हैं। वे कहते हैं कि दैनिक आवागमन के दौरान सुरक्षा का अभाव महसूस हो रहा है। कई लोग इसे “खतरनाक स्ट्रेच” बता रहे हैं।
यह घटना अकेली नहीं है। आशारोड़ी-मोहब्बेवाला-डाटकाली मार्ग पर पिछले एक वर्ष से सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है। भारी वाहनों के अनियंत्रित होने और ब्रेक फेल होने की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। परिवहन विभाग, आरटीओ, सड़क निर्माण एजेंसियों और जिला प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।
आशारोड़ी-मोहब्बेवाला क्षेत्र में हाल के प्रमुख हादसे
| तारीख | घटना विवरण | परिणाम |
|---|---|---|
| 15 अक्टूबर 2026 | राशन भरा ट्रक ब्रेक फेल, पेड़ से टकराया | क्लीनर की मौत, यातायात जाम |
| 6 अक्टूबर 2026 | सीमेंट लदा ट्रक IRB पुलिस बस से टकराया | 7 जवान घायल (बस पलटी) |
| 26 सितंबर 2026 | ईंटों भरा ट्रक अनियंत्रित | रोडवेज बस से टक्कर, कोई मौत नहीं |
| 13 अगस्त 2026 | ब्रेक फेल ट्रक ने युवक को कुचला | 19 वर्षीय मजदूर की मौत |
| मई 2026 | कार-ट्रक टक्कर | एक युवक की मौत |
| जून 2025 | कार ट्राले के नीचे घुसी | चार लोगों की मौत |
| नवंबर 2024 | बहु-वाहन टक्कर | एक मौत, तीन घायल |
अक्टूबर 2026 के पहले पखवाड़े में ही इस स्ट्रेच पर कई ट्रक संबंधी हादसे दर्ज किए गए।
आधिकारिक प्रतिक्रिया और निरीक्षण
6 अक्टूबर के पुलिस बस हादसे के बाद लीड एजेंसी की टीम (संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा की अध्यक्षता में) ने डाटकाली टनल से आशारोड़ी चेकपोस्ट तक का निरीक्षण किया। टीम ने अल्पकालिक सुरक्षा उपायों के सुझाव दिए, जिनमें शामिल हैं:
- पुलिस चेकपोस्ट और जॉइंट चेकपोस्ट के बीच कम से कम दो स्थानों पर जिग-जैग बैरिकेडिंग
- डिजिटल स्पीड डिस्प्ले बोर्ड की स्थापना
- ढलान और दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों के लिए बड़े चेतावनी साइनबोर्ड
- चेकपोस्ट के आस-पास पेड़-झाड़ियों की छंटाई
इससे पहले भी क्षेत्र में रंबल स्ट्रिप्स, 50 से अधिक साइनबोर्ड और 24 घंटे का टास्क फोर्स लगाया जा चुका था। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने 8 अक्टूबर को इस मार्ग पर लगातार हो रहे हादसों पर चिंता व्यक्त की थी और नियमों के पालन पर जोर दिया था।
इन उपायों के बावजूद दुर्घटनाएं जारी हैं।
दुर्घटनाओं के संभावित कारण
विशेषज्ञों और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस स्ट्रेच पर हादसों के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
- डाटकाली से आशारोड़ी तक लगातार ढलान वाला मार्ग
- भारी वाहनों (ट्रक और कंटेनर) का सुबह के समय अनियंत्रित होना
- ब्रेक फेल होने और ओवरलोडिंग की शिकायतें
- सुरक्षा उपायों का अधूरा क्रियान्वयन और जवाबदेही का अभाव
प्रशासन, NHAI, PWD, परिवहन और इंजीनियर फेल!
आशारोड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाएं सड़क सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। स्थानीय निवासी भयभीत हैं और प्रशासनिक तंत्र की क्षमता पर संदेह व्यक्त कर रहे हैं। और लगातार हादसे रोकने में नाकामयाब होना, तंत्र और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल करता है। सवाल है कि जब इतनी कार्यवाही के बावजूद हादसे रुक नहीं पा रहे तो क्या इसके लिए भी भारत को विदेशी इंजीनियर बुलाने पड़ेंगे?
देवभूमि के लोग न्यूज़ का प्रश्न:
क्या केवल निरीक्षण और सुझाव पर्याप्त हैं, या भारी वाहनों की गति नियंत्रण, नियमित ब्रेक जांच और ढलान वाले हिस्से की गहन तकनीकी समीक्षा की आवश्यकता है?
यही राज्य राज्य में लालकुंआ में है जहां कई मौतों के बाद हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद सड़क हादसे नहीं रुक पा रहे हैं। राज्य में हर साल सैकड़ों लोग लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जा रहे हैं और इसका सबसे बड़ा कारण है खराब डिजाइन। रोड डिजाइन की खराबी, सुरक्षा के अधूरे इंतजाम, खराब गुणवत्ता की डिजाइन, इस कारण हर साल कई लोग मारे जाते हैं किंतु न ही जांच होती है और ना ही कोई सुधार और ना ही कोई कार्यवाही।
सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अब ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की जरूरत है, ताकि आशारोड़ी मार्ग दुर्घटना-प्रवण क्षेत्र न बना रहे।