देहरादून, 25 मई 2026: देहरादून के नए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने पदभार ग्रहण करते ही आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी। वे एक 24×7 अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं, जो हमेशा कार्यरत रहते हैं और समयबद्धता तथा निरंतर प्रयासों के लिए प्रसिद्ध हैं। क्लेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में पहुंचकर उन्होंने स्वयं 115 शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के सख्त निर्देश दिए।
डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लंबित कार्यों पर सख्त चेतावनी
डीएम ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के लंबित कार्यों (पेंडेंसी) को लेकर अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी फाइल, शिकायत या विकास संबंधी कार्य लंबित नहीं रहना चाहिए। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा के अंदर कार्य पूर्ण करने होंगे। यदि कोई भी मामला लंबित पाया गया तो संबंधित कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई से लेकर अन्य कानूनी कदम तक शामिल हो सकते हैं। डीएम ने साफ कहा कि लंबित कार्य अब प्रशासन की प्राथमिकता नहीं, बल्कि जवाबदेही का विषय बन चुका है।
उन्होंने शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए जिला स्तर पर ऑनलाइन शिकायत ट्रैकिंग एवं समाधान प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए।
प्रौद्योगिकी पर विशेष जोर देने वाले अधिकारी
डॉ. आशीष चौहान प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ई-ऑफिस के अधिकतम उपयोग के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि इनका उपयोग समस्याओं के समाधान को आसान, तेज और समयबद्ध बनाने के लिए किया जाएगा। जिला स्तर पर ऑनलाइन शिकायत ट्रैकिंग एवं समाधान प्रणाली विकसित करने के निर्देश देते हुए डीएम ने जोर दिया कि ई-ऑफिस को पूर्ण रूप से लागू किया जाए और जहां संभव हो AI आधारित टूल्स का उपयोग कर शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
हिलाहवाली और कमजोरी पर नापेंगे कर्मचारी
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि वे प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ई-ऑफिस के अधिकतम उपयोग के पक्ष में हैं, ताकि समस्याओं का समाधान आसान, तेज और समयबद्ध तरीके से हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-ऑफिस प्रणाली को पूर्ण रूप से लागू किया जाए और जहां संभव हो, AI आधारित टूल्स का उपयोग कर शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। कोई भी फाइल या शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण न करने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जनता मिलन कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, सभी एसडीएम (स्मृता परमार, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी, विनोद कुमार, अपर्णा ढौंडियाल आदि), परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
नए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के इस सक्रिय, प्रौद्योगिकी-उन्मुख और सख्त रवैये से आमजन में प्रशासन के प्रति नई उम्मीद जगी है। 24×7 कार्यशील रहने वाले और समयसीमाओं के प्रति सतत प्रयास करने वाले डीएम ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जन समस्याओं का समाधान अब और अधिक तेज, पारदर्शी, तकनीकी रूप से मजबूत और जवाबदेह तरीके से होगा।
