सितारगंज/देहरादून, 20 मई 2026: उत्तराखंड राजनीति में बहुगुणा परिवार की तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा मंत्री सौरभ बहुगुणा आज राज्य के सबसे लोकप्रिय और प्रभावी युवा कैबिनेट मंत्रियों में शुमार हैं। सितारगंज विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए सौरभ बहुगुणा वर्तमान में पुष्कर सिंह धामी सरकार में पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, कौशल विकास एवं रोजगार तथा प्रोटोकॉल विभागों के कैबिनेट मंत्री हैं।
उनकी दूरदर्शिता, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, जनसंपर्क और जरूरतमंदों खासकर युवाओं के प्रति संवेदनशीलता ने उन्हें पूरे राज्य में “जनता का नेता”, “विकास पुरुष” और “युवा सशक्तिकरण के प्रणेता” की पहचान दिलाई है। सितारगंज में औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, कृषि-ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती और युवा सशक्तिकरण के उनके कार्यों की राज्यभर में व्यापक सराहना हो रही है। उन्हें उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों में से एक माना जा रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और व्यक्तिगत जीवन
सौरभ बहुगुणा का जन्म 11 मार्च 1978 को हुआ। वे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के सबसे छोटे पुत्र और स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा के पौत्र हैं। LL.B. की डिग्री प्राप्त सौरभ बहुगुणा पहले ONGC में वकील के रूप में कार्यरत थे। गोल्फ के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके सौरभ की छवि सरल, सौम्य, सुलभ और कर्मठ नेता की है।
2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सितारगंज से भारी मतों से जीत दर्ज की। 2022 में भी उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को करीब 11,000 मतों से हराकर सीट बरकरार रखी। धामी कैबिनेट में शामिल होने के बाद वे युवा चेहरों में सबसे प्रभावी और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों में गिने जाते हैं।
सितारगंज में अभूतपूर्व औद्योगिक और बुनियादी विकास
सितारगंज उत्तराखंड का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है। सौरभ बहुगुणा के प्रयासों से यहां कई ऐतिहासिक कार्य पूरे हुए हैं:
- सूखी नदी पर पुल का निर्माण: SIDCUL और शक्तिफार्म को जोड़ने वाला पुल उनके निरंतर प्रयासों से शिलान्यास और पूरा हुआ। इससे औद्योगिक इकाइयों और कृषि क्षेत्र के बीच परिवहन सुविधा में भारी सुधार हुआ, माल ढुलाई आसान हुई और आर्थिक गतिविधियां तेज हुईं।
- SIDCUL क्षेत्र में निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन: SIDCUL में नई औद्योगिक यूनिट्स की स्थापना को बढ़ावा दिया गया। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देकर नौकरियां उपलब्ध कराई गईं। हाल ही में उद्यमियों की 8 सूत्रीय मांगों (सड़क चौड़ीकरण, बाढ़ सुरक्षा, सब-स्टेशन आदि) पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
- गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग: चीनी मिलों का आधुनिकीकरण, किसानों को समय पर गन्ना भुगतान सुनिश्चित करना, नए प्रोजेक्ट शुरू करना और गन्ना उत्पादकता बढ़ाने के कार्यक्रम चलाए। इससे हजारों किसान परिवारों की आय में स्थिरता आई।
- अन्य बुनियादी ढांचा: सड़कों का चौड़ीकरण और मरम्मत, पेयजल योजनाओं का विस्तार, स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण, स्कूलों का विकास और ग्रामीण इलाकों में सिंचाई सुविधाओं में सुधार। शक्ति फार्म में डेढ़ करोड़ की लागत से उत्तराखंड का प्रथम बंग भवन निर्माण कराकर बंगाली समाज को समर्पित किया।
पशुपालन, दुग्ध विकास और मत्स्य पालन में क्रांतिकारी उपलब्धियां
- गोट वैली प्रोजेक्ट: बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर बनाए गए। एक क्षेत्र में 107 किसानों को 1712 बकरियां वितरित की गईं। इससे ग्रामीण स्वरोजगार बढ़ा और पारंपरिक पशुपालन को आधुनिक रूप मिला।
- मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना: क्लस्टर फार्मिंग को बढ़ावा, सितारगंज में एक्वा पार्क प्रस्तावित। मत्स्य पालकों को घरेलू दर पर बिजली उपलब्ध कराई गई।
- रेनबो ट्राउट निर्यात: Gulfood Dubai 2026 में उत्तराखंड स्टॉल का प्रदर्शन। निर्यात संभावनाएं बढ़ाईं।
- A-HELP कार्यक्रम: महिलाओं को पशु चिकित्सा सेवाओं में सशक्त बनाया। डिविजनल स्तर पर गौशालाएं और एनिमल एंबुलेंस सेवा शुरू की गई।
कौशल विकास एवं रोजगार सृजन में ऐतिहासिक कार्य
कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री के रूप में सौरभ बहुगुणा ने युवाओं के भविष्य को नई दिशा दी है:
- ITI छात्रों के लिए बेहतर ट्रेनिंग, आधुनिक ड्रेस कोड, फ्री यूनिफॉर्म और प्लेसमेंट फोकस।
- टाटा ग्रुप के साथ MOU: 3000 युवाओं को ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर।
- ITI पास युवाओं की शुरुआती सैलरी 8-10 हजार से बढ़कर 25 हजार तक पहुंचाई।
- विदेशी रोजगार में अभूतपूर्व सफलता: सौरभ बहुगुणा के प्रयासों से सैकड़ों उत्तराखंडी युवाओं को जापान और जर्मनी जैसे विकसित देशों में रोजगार मिला है। इन युवाओं को कुशल ट्रेनिंग दी गई और विदेशी कंपनियों के साथ संपर्क स्थापित किया गया। जापान और जर्मनी में ये युवा शुरुआती वेतन लाखों रुपये प्रतिवर्ष कमा रहे हैं। यह पहल बेरोजगारी कम करने और विदेशी मुद्रा अर्जित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
- प्रत्येक जिले में निरंतर जॉब फेयर: सौरभ बहुगुणा ने सुनिश्चित किया है कि राज्य के हर जिले में नियमित रूप से जॉब फेयर आयोजित किए जाएं। इन जॉब फेयर में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाती है। कंपनियां स्थानीय उम्मीदवारों को तरजीह देती हैं, जिससे हजारों युवाओं को उनके ही जिले या राज्य में नौकरियां मिल रही हैं। यह व्यवस्था युवाओं को बाहर जाने की मजबूरी से बचा रही है और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रही है।
- उड़ान उत्तराखंड अभियान: नशे से दूर कर युवाओं को खेलों से जोड़ना। स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा टूर्नामेंट का आयोजन, और हमेशा मदद के लिए तत्पर मंत्री।
इन प्रयासों से कौशल विकास विभाग को नई ऊंचाई मिली है और सौरभ बहुगुणा को राज्य के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों में गिना जा रहा है। उन्होंने साबित किया है कि सही इरादे और मेहनत से प्रशासनिक कार्यों को जनसेवा में बदला जा सकता है।
युवाओं के बीच अपार लोकप्रियता: निजी कोष से त्वरित आर्थिक मदद
सौरभ बहुगुणा युवाओं में सबसे ज्यादा चर्चित इसलिए हैं क्योंकि वे जरूरतमंद छात्रों, खेल प्रतिभाओं, अस्पताल में भर्ती मरीजों और संकटग्रस्त परिवारों को अपने निजी कोष से तुरंत आर्थिक सहायता पहुंचाते हैं। फोन, सोशल मीडिया या आवेदन पर सीधे मदद। वह डाउन टू अर्थ रहते हैं, और हमेशा सभी की, चाहे वो राज्य के किसी भी क्षेत्र से हो मदद के लिए आगे आते हैं जो उन्हें सबसे अलग और भरोसेमंद बनाती है। उनके इसी सौम्य स्वभाव, जनता के प्रति समर्पण और व्यवहारिक होने के कारण उन्हें गढ़वाल भौगोलिक क्षेत्र का होने के बावजूद, कुमाऊं क्षेत्र से रिकॉर्ड वोट्स से हमेशा जीत मिलती है।
अन्य प्रमुख योगदान
- प्रोटोकॉल विभाग में बेहतर समन्वय।
- उद्योग संघों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई।
- नशामुक्ति, खेल विकास, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण अभियान।
- संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्यवाही।
- नेगेटिव पॉलिटिक्स से दूर रहना।
- विभागों में वर्क एफिशियंसी को बढ़ावा।
- लगातार राज्यभर में रोजगार मेले।
- रोजगार मेलो से रिकॉर्ड लोगों की भर्ती, ट्रेनिंग और MNCs से समन्वय कर राज्य के ITI, पोलीटेक्नीक संस्थानों में रोजगार परक और स्किल्ड शिक्षा पर जोर।
जनता की प्रशंसा और छवि
उत्तराखंड भर में लोग सौरभ बहुगुणा के कार्यों की सराहना करते हैं। किसान, उद्योगपति, युवा और महिलाएं उन्हें “संवेदनशील, कर्मठ और स्वच्छ छवि” वाला नेता मानते हैं। उन्हें राज्य के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों में शामिल किया जा रहा है।
सौरभ बहुगुणा उत्तराखंड की नई पीढ़ी का चेहरा हैं तथा उन्होंने अपने काम से अपनी नई पहचान बनाई है। राजनीति को सेवा का माध्यम बनाते हुए वे विकास, संवेदना, कौशल विकास और युवा सशक्तिकरण का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत कर रहे हैं। सितारगंज से शुरू उनका सफर पूरे राज्य और जनसेवकों के लिए प्रेरणा है। जनता की कामना है कि ऐसे समर्पित नेता लंबे समय तक उत्तराखंड की सेवा करते रहें।
(यह विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक जानकारी, पब्लिक रिस्पॉन्स, सरकारी गतिविधियों और उपलब्ध उपलब्धियों पर आधारित है।)
