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किशोरों में अवसाद (डिप्रेशन) के लक्षण

Dehradun, 29/04.2026 – B P Singh-किशोरावस्था (टीनएज) एक ऐसा दौर है जिसमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक बदलाव तेजी से होते हैं। इस दौरान अवसाद (Depression) एक गंभीर समस्या बन सकती है, जो सिर्फ “मूड खराब होना” नहीं है। यह एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है जो किशोर के सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने के तरीके को प्रभावित करती है। अगर लक्षण लगातार 2 सप्ताह या उससे अधिक समय तक बने रहें और रोजमर्रा की जिंदगी (स्कूल, घर, दोस्तों के साथ संबंध) में दिक्कत पैदा करें, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

किशोरों में अवसाद के मुख्य लक्षण

वयस्कों की तुलना में किशोरों में अवसाद अक्सर चिड़चिड़ापन (Irritability) के रूप में ज्यादा दिखता है, न कि सिर्फ उदासी के रूप में। प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं:

1. भावनात्मक बदलाव (Emotional Changes)

  • लगातार उदासी, खालीपन या निराशा महसूस करना
  • छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्सा, चिड़चिड़ापन या झुंझलाहट
  • बिना वजह रोना या भावुक हो जाना
  • खुद को बेकार, मूल्यहीन या अपराधी महसूस करना (अत्यधिक गिल्ट)
  • आत्म-सम्मान (Self-esteem) का बहुत कम होना
  • उम्मीदहीनता (Hopelessness) की भावना

2. रुचि और आनंद की कमी (Anhedonia)

  • पहले पसंदीदा गतिविधियों (खेल, हॉबी, संगीत, दोस्तों से मिलना) में दिलचस्पी खो देना
  • बोरियत महसूस करना, कुछ भी करने का मन न होना

3. व्यवहार संबंधी बदलाव (Behavioral Changes)

  • परिवार और दोस्तों से अलग-थलग रहना (Social Withdrawal)
  • स्कूल में प्रदर्शन गिरना, ध्यान केंद्रित न कर पाना या पढ़ाई में रुचि न रहना
  • स्कूल जाने से मना करना या भागने की कोशिश
  • जोखिम भरे व्यवहार — नशीली दवाओं या शराब का इस्तेमाल बढ़ना
  • कभी-कभी आक्रामक या विद्रोही व्यवहार

4. शारीरिक लक्षण (Physical Symptoms)

  • नींद में समस्या — बहुत कम सोना (Insomnia) या बहुत ज्यादा सोना (Hypersomnia)
  • भूख में बदलाव — भूख न लगना या बहुत ज्यादा खाना, जिससे वजन घटना या बढ़ना
  • लगातार थकान या ऊर्जा की कमी
  • सोचने, ध्यान केंद्रित करने या फैसला लेने में कठिनाई
  • बार-बार सिरदर्द, पेट दर्द या अन्य शारीरिक शिकायतें बिना किसी स्पष्ट कारण के

5. गंभीर खतरे के संकेत (Warning Signs)

  • मौत या आत्महत्या के विचार आना (यह सबसे गंभीर लक्षण है)
  • खुद को नुकसान पहुंचाने (Self-harm) की बात करना या कोशिश करना
  • “मुझे जीने की जरूरत नहीं” जैसी बातें करना

नोट: किशोर लड़कियों और लड़कों में लक्षण थोड़े अलग हो सकते हैं। लड़कों में चिड़चिड़ापन और गुस्सा ज्यादा दिख सकता है, जबकि लड़कियों में उदासी और रोना अधिक आम है।

कब मदद लें?

अगर आपके किशोर में ऊपर बताए गए 4-5 लक्षण लगातार दिख रहे हैं और उसकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, तो तुरंत मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ (Child & Adolescent Psychiatrist या Psychologist) से संपर्क करें।

क्या करें? (माता-पिता के लिए सलाह)

  • बच्चे को बिना जजमेंट के सुनें और उसकी भावनाओं को वैध मानें।
  • “सब ठीक हो जाएगा” जैसी सलाह देने की बजाय एक्टिव लिसनिंग करें।
  • स्कूल काउंसलर या डॉक्टर से बात करें।
  • अगर आत्महत्या के विचार हों तो तुरंत इमरजेंसी मदद लें। भारत में मदद के लिए Tele MANAS Helpline (14416 या 1-800-91-4416) या स्थानीय मानसिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

अवसाद समय पर पहचान और सही इलाज (काउंसलिंग, थेरेपी, जरूरत पड़ने पर दवा) से पूरी तरह ठीक हो सकता है। इसे “मूड स्विंग” या “टीनएज प्रॉब्लम” समझकर नजरअंदाज न करें।

महत्वपूर्ण: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। सटीक निदान और इलाज के लिए हमेशा योग्य डॉक्टर या मनोचिकित्सक से परामर्श लें।

By The Common Man

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