Fri. Jan 30th, 2026

टनकपुर से लोहाघाट जा रही बस में धुआं उठते ही मचा हड़कंप, बाल-बाल बचे यात्री

टनकपुर-लोहाघाट बस में धुआं उठने की घटना, चालक-परिचालक ने यात्रियों को सुरक्षित निकाला

टनकपुर–लोहाघाट बस में धुआं, चालक-परिचालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

टनकपुर से लोहाघाट जा रही लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस में गुरुवार को अचानक इंजन से धुआं उठने लगा, जिससे बस में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। चालक और परिचालक ने तत्परता दिखाते हुए बस को तुरंत सड़क किनारे खड़ा किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद इंजन में पानी और रेत डालकर आग लगने से पहले ही स्थिति को काबू में कर लिया गया।

जानकारी के अनुसार, बस संख्या UK 07 PA 4304 लगभग 20 यात्रियों को लेकर टनकपुर से लोहाघाट की ओर जा रही थी। जैसे ही बस बेलखेल और अमोड़ी के बीच पहुंची, इंजन से अचानक तेज धुआं निकलने लगा। धुआं देख यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि चालक-परिचालक की सूझबूझ से सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

टनकपुर–लोहाघाट मार्ग पर अचानक उठा धुआं

घटना के बाद यात्रियों को दूसरी बस के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।

एक माह में लोहाघाट डिपो की तीसरी घटना, खटारा बसों पर उठे सवाल

गौरतलब है कि यह एक महीने के भीतर लोहाघाट डिपो की तीसरी गंभीर घटना है, जिसने विभाग की कार्यप्रणाली और खटारा बसों के संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • 1 जनवरी को लोहाघाट डिपो की बस में देहरादून में आग लग गई थी, जिसमें करीब 15–16 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी।
  • इसके बाद 19 जनवरी को पर्वतीय क्षेत्र में संचालन की मियाद पूरी कर चुकी एक बस के ब्रेक फेल हो गए थे, जिसे दीवार से टकराकर रोका गया।
  • अब तीसरी बार टनकपुर–लोहाघाट मार्ग पर बस से धुआं उठने की घटना सामने आई है।

यात्रियों की जान से खिलवाड़, कार्रवाई का इंतजार

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से साफ है कि मियाद पूरी कर चुकी बसों का संचालन यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ है। अब तक इन तीनों घटनाओं में करीब 100 यात्रियों की जान जोखिम में पड़ चुकी है, बावजूद इसके खटारा बसों के संचालन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

यदि समय रहते इन बसों को सड़कों से नहीं हटाया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

टनकपुर से लोहाघाट जा रही लोहाघाट डिपो की बस में गुरुवार को अचानक इंजन से धुआं उठने लगा। इसके बाद बस में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। हालांकि, चालक और परिचालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को तुरंत सड़क किनारे खड़ा कर दिया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

इस दौरान, इंजन से लगातार धुआं निकलता देख चालक-परिचालक ने बिना देरी किए पानी और रेत डालकर आग लगने से पहले ही स्थिति पर काबू पा लिया। नतीजतन, बस में सवार करीब 20 यात्रियों की जान बच गई। बाद में, यात्रियों को दूसरी बस के माध्यम से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।

गौरतलब है कि यह एक महीने के भीतर लोहाघाट डिपो की तीसरी गंभीर घटना है। इससे पहले, 1 जनवरी को देहरादून में डिपो की एक बस में आग लग गई थी, जहां 15–16 यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई थी। इसके अलावा, 19 जनवरी को पर्वतीय मार्ग पर एक बस के ब्रेक फेल होने की घटना भी सामने आई थी।

अब, टनकपुर–लोहाघाट मार्ग पर एक बार फिर बस से धुआं उठने की घटना ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते खटारा बसों को सड़कों से नहीं हटाया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

By PAL

News and public affairs

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