उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री धाम की धार्मिक मर्यादा और परंपराओं को बनाए रखने के लिए श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति ने बड़ा निर्णय लिया है। समिति ने गंगोत्री धाम और मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।
धार्मिक पवित्रता बनाए रखने के लिए लिया गया निर्णय
मंदिर समिति का कहना है कि यह निर्णय गंगोत्री धाम की पवित्रता, धार्मिक आस्था और सदियों पुरानी परंपराओं की रक्षा के उद्देश्य से लिया गया है। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि गैर-हिंदुओं को मंदिर परिसर, गंगा घाट और आसपास के धार्मिक क्षेत्रों में प्रवेश न मिले।
सिख और बौद्ध संप्रदायों को मिली छूट
हालांकि, इस प्रतिबंध से सिख और बौद्ध संप्रदाय के लोगों को छूट दी गई है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय किसी समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि धार्मिक मर्यादा के संरक्षण के लिए लिया गया है।
चारधाम यात्रा से पहले सख्त निगरानी
मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि आगामी चारधाम यात्रा सीजन को देखते हुए इस निर्णय के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी और आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि गंगोत्री धाम की धार्मिक आस्था और परंपराओं के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
मुखवा में भी लागू होगा प्रतिबंध
यह प्रतिबंध केवल गंगोत्री धाम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मुखवा गांव, जो मां गंगा का शीतकालीन प्रवास स्थल है, वहां भी इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।
