पिथौरागढ़ जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार भारी हिमपात हो रहा है, जबकि निचले इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की जा रही है। मौसम में आए इस बदलाव से पूरे जिले में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है और जनजीवन प्रभावित होने लगा है।
मुनस्यारी और धारचूला की चोटियों पर जारी है हिमपात
मुनस्यारी क्षेत्र में खालिया टॉप, बिटलीधार, कालामुनि और बलाती सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई है। सुबह से ही आसमान बादलों से घिरा रहा। दोपहर में कुछ देर बादल छंटे, लेकिन फिर से मौसम ने करवट ले ली और आसमान बादलों से ढक गया।
मुनस्यारी और धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार नंदा देवी, नंदा कोट, पंचाचूली, राजरंभा, आदि कैलास और ओम पर्वत समेत अधिकांश ऊंची चोटियों पर सुबह से लगातार हिमपात जारी है।
सीमांत घाटियों में तेजी से गिरा तापमान
दारमा, व्यास और चौदास घाटियों के ऊपरी हिस्सों में भी हिमपात की खबरें सामने आ रही हैं। बर्फबारी के चलते सीमांत क्षेत्रों में तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है।
निचले इलाकों में ठंडी हवाएं और बूंदाबांदी
निचले क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। पिथौरागढ़ मुख्यालय समेत कई कस्बों में धूप और बादलों की आंख-मिचौली के बीच ठंडी हवाएं चल रही हैं। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के कारण ठंड और अधिक बढ़ गई है।
आगे भी बिगड़ सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ घंटों तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात और निचले इलाकों में बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है। वहीं रात तक मध्य हिमालयी क्षेत्रों में भी बर्फबारी के आसार जताए गए हैं।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा के दौरान अतिरिक्त सतर्कता अपनाने की अपील की है। ठंड और मौसम के प्रभाव से एक बार फिर जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
