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उत्तराखंड में पालतू कुत्तों पर सख्ती, खुला छोड़ने पर 20 हजार का जुर्माना

An animal lover holds a dog at a pet adoption camp in Chennai on July 8, 2023. (Photo by R.Satish BABU / AFP) (Photo by R.SATISH BABU/AFP via Getty Images)

देहरादून न्यूज़ | उत्तराखंड नियम अपडेट

देहरादून में पालतू और आवारा कुत्तों को लेकर बढ़ती शिकायतों, जनसुरक्षा और सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बीच देहरादून नगर निगम ने संशोधित उपविधि (Bylaws) को अंतिम रूप देकर लागू कर दिया है। नए नियमों के तहत अब पालतू कुत्ता छोड़ना गंभीर अपराध माना जाएगा, जिस पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना और एफआईआर दर्ज की जा सकेगी।

पंजीकरण, नसबंदी और टीकाकरण अनिवार्य

नगर निगम के नए नियमों के अनुसार, तीन माह या उससे अधिक आयु के प्रत्येक पालतू कुत्ते का पंजीकरण अनिवार्य होगा। पंजीकरण की वैधता एक वर्ष की होगी। यदि एंटी-रेबीज टीकाकरण की वैधता समाप्त होती है, तो कुत्ते का लाइसेंस स्वतः निरस्त माना जाएगा। बिना पंजीकरण कुत्ता पालने पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

सार्वजनिक स्थानों पर सख्त नियम

नियमों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर कुत्ते को बिना पट्टा (Leash), मुंहबंद (Muzzle) और निगरानी के घुमाने पर कार्रवाई की जाएगी। कुत्ते के काटने, खुले में छोड़ने और वैक्सीनेशन में लापरवाही को भी गंभीर उल्लंघन माना गया है।

आरडब्ल्यूए की भी तय हुई जिम्मेदारी

नगर निगम ने हाउसिंग सोसाइटी और आरडब्ल्यूए (RWA) की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। सोसाइटी में पाले जा रहे सभी कुत्तों की जानकारी नगर निगम को देना अनिवार्य होगा। पंजीकरण, टीकाकरण और नसबंदी सुनिश्चित न होने पर आरडब्ल्यूए को नोटिस जारी किया जाएगा।

पांच या अधिक कुत्ते होने पर शेल्टर लाइसेंस जरूरी

यदि कोई व्यक्ति पांच या उससे अधिक कुत्ते पालता है, तो उसे प्राइवेट डॉग शेल्टर के रूप में पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए पशु कल्याण बोर्ड और नगर निगम दोनों में पंजीकरण अनिवार्य होगा।

  • डॉग शेल्टर वार्षिक शुल्क: ₹3000
  • पेट शॉप वार्षिक शुल्क: ₹2000
    पंजीकरण के लिए छह माह का समय दिया गया है।

खूंखार नस्लों पर विशेष सख्ती

पिटबुल, रॉटवीलर, डोगो अर्जेंटीनो, अमेरिकन बुलडॉग जैसी खूंखार नस्लों के लिए विशेष नियम लागू किए गए हैं।

  • ₹2000 वार्षिक लाइसेंस शुल्क
  • एक वर्ष की आयु के बाद नसबंदी अनिवार्य
  • इन नस्लों की ब्रीडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध
  • पहले से मौजूद कुत्तों के लिए तीन माह के भीतर खरीद और नसबंदी प्रमाण पत्र अनिवार्य

इन स्थानों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर कार्रवाई

नगर निगम के अनुसार स्कूलों, धर्मस्थलों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, कॉलोनियों के प्रवेश-निकास बिंदुओं और बच्चों व बुजुर्गों के आवागमन वाले स्थानों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर भी कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य पशु कल्याण के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

By PAL

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