चंपावत जिले के तल्लादेश क्षेत्र स्थित नीड़ गांव में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने रात्रि चौपाल आयोजित कर संवेदनशील प्रशासन की मिसाल पेश की। चौपाल के दौरान डीएम ने ग्रामीणों की समस्याएं न केवल ध्यानपूर्वक सुनीं, बल्कि कई का मौके पर ही समाधान भी किया।
डीएम मनीष कुमार ने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों के साथ भोजन किया, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और अपनापन देखने को मिला। इस दौरान उन्होंने गांव की दिव्यांग बुजुर्ग महिला परू देवी को अपने हाथों से श्रवण यंत्र पहनाया, जिससे वह भावुक हो गईं। बुजुर्ग महिला की आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने जिलाधिकारी को आशीर्वाद दिया।
📌 ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
चौपाल में ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याएं और मांगें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से:
- गांव की लाइब्रेरी में ठंड से बचाव हेतु ब्लोअर व हीटर की व्यवस्था
- तारबाड़ निर्माण
- पेयजल समस्या का समाधान
- युवाओं के लिए ओपन जिम
- सोलर लाइट की स्थापना
जिलाधिकारी ने सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
♿ रात्रि में दिव्यांग बुजुर्ग के घर पहुंचे डीएम
चौपाल समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी रात में ही दिव्यांग वृद्ध महिला परू देवी के घर पहुंचे। उन्होंने महिला को व्हीलचेयर और कंबल प्रदान किए तथा उनके कानों में श्रवण यंत्र पहनाया। इस मानवीय पहल से परिवार और ग्रामीण बेहद भावुक नजर आए।
इसके अलावा चौपाल में:
- दो ग्रामीणों को श्रवण यंत्र
- दो को व्हीलचेयर
- अन्य जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए
ग्रामीणों को राशन कार्ड ई-केवाईसी, आधार संशोधन और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
🎓 बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी परिस्थिति में बेटियों की पढ़ाई बीच में नहीं रुकनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
चौपाल के दौरान महिलाओं द्वारा जिलाधिकारी को गुरु गोरखनाथ जी की तस्वीर भेंट की गई।
👥 उपस्थित अधिकारी व जनप्रतिनिधि
इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य संजय कुमार, ग्राम प्रधान निर्मला पांडेय, बीडीओ अशोक अधिकारी, राजस्व निरीक्षक दीनदयाल वर्मा, उप निरीक्षक जीवन भट्ट, जीवन सिंह रिंगवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
