अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के बाद उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच घमासान तेज हो गया है। वीडियो में भाजपा नेताओं को निशाने पर लिए जाने के बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे को आक्रामक रूप से उठाया है, जबकि भाजपा ने इसे अनुसूचित जाति और मातृशक्ति का अपमान बताते हुए कड़ा ऐतराज जताया है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट ने इस पूरे प्रकरण पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता की है। संगठन और सरकार के ताजा रुख के बाद सरकार इस मामले में एक्शन मोड में आ गई है। वहीं, भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व भी प्रदेश संगठन और सरकार की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए है।
कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश में जुटी है। पार्टी का आरोप है कि सरकार मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत कई वरिष्ठ नेता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस विशेष रूप से गढ़वाल क्षेत्र में जन असंतोष को उभारने की रणनीति पर काम कर रही है, जहां 30 विधानसभा सीटें हैं।
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि वायरल ऑडियो और वीडियो महज बातचीत पर आधारित हैं, जिनके जरिए पार्टी और उसके नेताओं की छवि खराब करने की साजिश रची जा रही है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस अब तक न तो अदालत में और न ही जनता के सामने कोई ठोस साक्ष्य पेश कर पाई है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के षड्यंत्र को उजागर किया जाएगा और सरकार पूरे मामले की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी जनभावनाओं से खिलवाड़ नहीं होने देगी और विपक्ष के मंसूबों को नाकाम किया जाएगा।
